भोपाल समाचार, 20 जनवरी 2026: जहां एक तरफ मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षक e-attendance के कारण जुकाम-बुखार के बहाने बना रहे हैं वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश सरकार Google के साथ डील फाइनल करने वाली है। सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक सब्जेक्ट के रूप में पढ़ाया नहीं जाएगा बल्कि सभी कक्षा और विषय के बच्चों को AI के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। यानी कि सरकारी स्कूल के शिक्षकों को Google AI Gemini भी सीखना होगा।
Google मध्य प्रदेश में कृषि एवं शिक्षा क्षेत्र में योगदान चाहता है
मध्य प्रदेश शासन की जनसंपर्क अधिकारी बिंदु सुनील ने बताया कि, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में गूगल के एशिया पैसिफिक क्षेत्र के प्रेसिडेंट श्री संजय गुप्ता के साथ दावोस में मंगलवार को मध्यप्रदेश के अधिकारियों ने मीटिंग कर मध्य प्रदेश में आईटी, आईटीईएस सेक्टर और मौजूदा प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। श्री गुप्ता ने मध्यप्रदेश में आईटी, आईटीईएस और डेटा सेंटर में निवेश की रूचि दिखाई। गूगल की ओर से मध्य प्रदेश में जेमिनी एआई (Gemini AI) के माध्यम से कृषि एवं शिक्षा क्षेत्रों में इनोवेशन और डिजिटल समाधान लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए।
मध्य प्रदेश के स्मार्ट क्लास अब AI क्लास होंगे
मध्य प्रदेश में संचालित सभी प्रकार के ऐसे सरकारी स्कूल, जहां बिजली और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है, अथवा जहां पर स्मार्ट क्लास संचालित हो रही है। अब वह सभी क्लास, AI क्लास रूम में बदल जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यदि किसी शिक्षक को बच्चों के किसी प्रश्न का उत्तर नहीं आता, लेकिन उसको AI Prompt जनरेट करना आता है तो वह किसी भी सवाल का जवाब दे सकता है।
AI क्लास के रास्ते में सबसे बड़ी समस्या
इसकी सबसे बड़ी समस्या यह होगी कि, मध्य प्रदेश में शिक्षकों की एक बड़ी संख्या ऐसी है जो केवल 12वीं पास है। हालांकि उनके पास BEd की डिग्री है लेकिन सबको पता है कि दिग्विजय सिंह के शिक्षाकर्मी भर्ती कांड ने पूरे मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है। आप उनको सातवां वेतनमान दो या कितनी भी सुविधा दे दो। AI तो दूर की बात, वह बेसिक कंप्यूटर भी नहीं सीखेंगे।
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