इंदौर, 15 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस पार्टी के सर्वोच्च नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी को आज कड़ी चेतावनी दी है, यदि तेजी से विकास कर रहे हैं इंदौर के साथ राजनीति करोगे तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि श्री राहुल गांधी 17 जनवरी को इंदौर आ रहे हैं। उनकी इस यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़े कठोर शब्दों का प्रयोग किया है। वीडियो में आप खुद देख सकते हैं...
आप अगर लाशों पर राजनीति करने आओगे तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: मुख्यमंत्री
— Bhopal Samachar (@BhopalSamachar) January 14, 2026मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि, कांग्रेस के लोग आपदा में से अवसर, केवल राजनीति के लिए ढूंढते हैं। मैं इस बात की उनको एक तरह से ताकीद भी करा दूं। भाई, हमने इस कठिनाई के दौर को महसूस किया है, संवेदना के साथ महसूस किया है, लेकिन आप अगर लाशों पर राजनीति करने आओगे, इंदौर बर्दाश्त नहीं करेगा, कोई बर्दाश्त करने वाला नहीं है। आपको इस आगे बढ़ते शहर के विकास के मामले में अगर, आपने आपदा में अवसर ढूंढकर के राजनीति का रास्ता ढूंढा... तो यह वाकई.. कतई उचित नहीं कहा जा सकता। सकारात्मक विरोध करो, विपक्ष की आवाज विपक्ष के तरीके से रखो, हम सब उस बात से सहमत हैं। लेकिन, अगर आपने बात निकाली तो बात दूर तलक जाएगी, इससे कोई बच नहीं सकते।
मोहन यादव को इतने कड़े शब्दों का प्रयोग क्यों करना पड़ा
इंदौर की घटना अप्रत्याशित थी। किसी को नहीं पता था कि पुलिस थाने में एक ऐसा टॉयलेट बनाया गया है जिसका सेप्टिक टैंक ही नहीं है और उसका पानी नर्मदा की पाइपलाइन में जाकर मिल रहा है। लोगों की शिकायतों पर ध्यान नहीं देने के कारण मुख्यमंत्री ने नगर निगम के कमिश्नर से लेकर सभी जिम्मेदार अधिकारियों को हटा दिया, जिनकी सीधी जिम्मेदारी बनती थी उनको निलंबित कर दिया और डिपार्मेंटल इंक्वारी भी शुरू हो गई। इधर भागीरथपुरा में स्वच्छ पेयजल की सप्लाई शुरू हो गई और बीमार लोगों का इलाज करवाया जा रहा है।
जिनको हल्का सा भी शक होता है उनको अस्पताल में भर्ती करके 48 घंटे तक का ऑब्जरवेशन किया जा रहा है। कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। अब जबकि स्थिति नियंत्रण में है और सरकार की तरफ से कड़ी कार्रवाई भी कर दी गई है, तब ऐसी स्थिति में, राहुल गांधी का दौरा कार्यक्रम, इंदौर को बदनाम करने की साजिश के अलावा कुछ और समझ नहीं आ रहा है। इंदौर की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए डॉक्टर मोहन यादव को कठोर शब्दों का प्रयोग करना पड़ा।
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