भोपाल समाचार, 27 जनवरी 2026: मौसम वाले बाबा (IMD, INSAT-3D एवं कृषि मौसम विज्ञान केंद्र) जो जानकारी दे रहे हैं उससे बड़ी चिंता की स्थिति बन रही है। पश्चिम के बादलों का डबल अटैक होने वाला है। मध्य प्रदेश के चार जिलों में ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है जबकि 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हो गया है। ग्वालियर चंबल, भोपाल सागर, इंदौर उज्जैन और जबलपुर रीवा सभी संभागों के अंतर्गत आने वाले इलाकों में असर दिखाई देगा।
ग्वालियर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
हवा पानी की जानकार बड़ारी (भारत मौसम विज्ञान विभाग के विशेषज्ञ) बता रहे हैं कि उन्हें 27 जनवरी रात 9:00 बजे सेटेलाइट द्वारा कैप्चर की गई इमेज मिली है। इस फोटो में मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बादल दिखाई दे रहे हैं। इसको पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस कहते हैं। सरल हिंदी में यह बिना बुलाए मेहमान है जो जबरदस्ती अपने आसमान में घुस आए हैं। इनके कारण ग्वालियर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी जैसे उत्तरी जिलों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल संभावना बन गई है। इस दौरान हवा की गति 30-40 किमी/घंटा रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने उपरोक्त चारों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
ग्वालियर और चंबल संभाग में बारिश थमने के बाद, उत्तरी ठंडी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में 2°C से 4°C की गिरावट आ सकती है। सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस होगी।
बेरहम बादलों का डबल अटैक
पहले वेस्टर्न डिस्टरबेंस के बादलों ने मध्य प्रदेश के आसमान पर कब्जा कर लिया है। इनका तांडव खत्म नहीं होगा कि 30 जनवरी की रात बादलों का दूसरा अटैक शुरू हो जाएगा। बादलों की दूसरी बटालियन लगातार पीछे चली आ रही है। इसके प्रभाव से 1 और 2 फरवरी को मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से बादल छा सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 3 और 4 फरवरी को मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और धूप निकलने से दिन के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी।
शिवपुरी, दतिया, मुरैना, गुना, राजगढ़, विदिशा, छतरपुर, टीकमगढ़ मौसम का पूर्वानुमान
मध्य और उत्तर मध्य प्रदेश के इलाकों में मौसम अचानक बदल गया है। भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, और रीवा संभाग के जिलों (जैसे शिवपुरी, दतिया, मुरैना, गुना, राजगढ़, विदिशा, छतरपुर, टीकमगढ़) में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश का अलर्ट जारी हो चुका है।
किसानों के लिए:- यदि आप किसान हैं, तो 28 और 29 जनवरी को सिंचाई और उर्वरक का छिड़काव रोक दें, क्योंकि भारी नमी से फंगल रोगों (जैसे पीला रतुआ) का खतरा बढ़ सकता है।

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