भोपाल समाचार, 30 जनवरी 2026: Directorate of Enforcement, Bhopal द्वारा आज भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी स्वर्गीय अरविंद जोशी एवं उनके सहयोगियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 5 करोड़ की संपत्ति अटैचमेंट की गई है जिसमें एक रिसॉर्ट भी शामिल है।
पहली बार किसी आईएएस अधिकारी के पास इतना काला धन मिला
यह पूरी कार्रवाई मध्य प्रदेश सरकार के तत्कालीन प्रिंसिपल सेक्रेटरी अरविंद जोशी और अन्य के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले से संबंधित है। जांच की शुरुआत लोकायुक्त के विशेष पुलिस स्थापना, भोपाल द्वारा दर्ज की गई FIR के आधार पर हुई थी। जांच में यह सामने आया कि जुलाई 1979 से 10 दिसंबर 2010 के बीच, जोशी ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 41.87 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति (Disproportionate Assets) जमा की थी। उस समय यह मामला देशभर की मीडिया हेडलाइंस में छा गया था।
जोशी का मास्टर प्लान आज भी ब्लैक मनी छुपाने का सबसे सफल तरीका
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईडी की जांच में अवैध कमाई को छिपाने के लिए अपनाए गए एक जटिल और सुनियोजित तरीके का खुलासा हुआ है। अवैध धन को परिवार के सदस्यों के नाम पर कई चल और अचल संपत्तियों में निवेश किया गया था। जोशी ने अपने सहयोगी एस पी कोहली और उनके परिवार के नाम पर बेनामी संपत्तियां जमा की थीं। इतना ही नहीं, एक शेल कंपनी भी बनाई गई थी, जिसमें एस पी कोहली को 'मैनेजर' नियुक्त कर उनके नाम पर 'पावर ऑफ अटॉर्नी' जारी की गई थी, ताकि संपत्तियों का प्रबंधन गुप्त रूप से किया जा सके।
रिज़ॉर्ट और कृषि भूमि पर भी चला ईडी का डंडा
इस मामले में ईडी की यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी तीन अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 8.5 करोड़ रुपये है। ताज़ा कार्रवाई में जो संपत्तियां कुर्क की गई हैं, उनमें भोपाल जिले में स्थित निम्नलिखित शामिल हैं:
• आवासीय भूखंड (Residential Plots)
• कृषि भूमि (Agricultural Lands)
• एक संचालित रिज़ॉर्ट (Functional Resort)
इन सभी संपत्तियों को 'अपराध की आय' (Proceeds of Crime) माना गया है, जो अरविंद जोशी, उनके परिवार और उनके सहयोगी एस पी कोहली के नाम पर दर्ज थीं।

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