भोपाल, 12 जनवरी 2026: लापरवाही या भ्रष्टाचार के कारण जब सिस्टम खराब हो जाता है तो इसका असर संगठन पर भी दिखाई देने लगता है। सरकारी लापरवाही के कारण भोपाल नागपूर नेशनल हाईवे नंबर 46 पर एक एक्सीडेंट हो गया। इस एक्सीडेंट में एक पुलिस अधिकारी की पत्नी की मौत हो गई, पुलिस अधिकारी घायल हो गया और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल का बेटा मरते मरते बचा।
घटना का विवरण
भोपाल-नागपुर नेशनल हाईवे-46 पर बरेठा घाट में रविवार को तेज रफ्तार ट्राले ने सड़क किनारे खड़ी तीन कारों और एक बाइक को टक्कर मार दी। इनमें भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बेटे वरद खंडेलवाल की कार भी शामिल थी। हादसे में बाइक सवार एएसआई की पत्नी सुनीता भलावी की मौत हो गई, जबकि एएसआई चिमनलाल भलावी समेत 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के समय वरद खंडेलवाल कार में मौजूद नहीं थे। वे पहले ही दूसरी कार से भोपाल रवाना हो चुके थे। ड्राइवर खाली कार लेकर उन्हें लेने जा रहा था।
वह ट्राला नहीं सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का भूत था
नेशनल हाईवे नंबर 46 पर जिस ट्राले ने यमराज का रूप धारण किया। वह केवल एक वहां नहीं था बल्कि सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का भूत था। पुलिस रिश्वत के बदले नशा करने वाले ड्राइवरों को वाहन चलाने का अवसर देती हैं। आज उसी पुलिस का एक अधिकारी घायल हो गया और उसकी पत्नी की मौत हो गई। सरकार हाईवे पर होने वाले एक्सीडेंट की चिंता नहीं करती। इनको रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाती। नतीजा आज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का बेटा मरते-मरते बचा।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि, समाज एक सामूहिक जिम्मेदारी है। एक व्यक्ति की गलती के कारण दूसरे व्यक्ति को नुकसान होता है। "संघे शक्ति: कलौयुगे" का मतलब किसी दूसरे संगठन के खिलाफ एकजुट होना नहीं है बल्कि एक व्यवस्था के लिए पूरे समाज को एकजुट हो जाना है। यदि एक आरटीओ या कोई पुलिस वाला इस ड्राइवर को सड़क पर चलने से रोक देता तो दूसरे पुलिस वाले की पत्नी की मौत, कम से कम इस एक्सीडेंट के कारण नहीं होती। रिपोर्ट: सत्येंद्र सरल।
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