KAMAL NATH के काले कानून से कर्मचारियों का 400 करोड़ का नुकसान, क्या मोहन अदा करेंगे?

भोपाल, 11 जनवरी 2026
: मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के एक काले कानून (नई भर्तियों में कर्मचारियों को प्रोबेशन पीरियड के दौरान 70%, 80% और 90% वेतन) के कारण 2019 से अब तक भर्ती हुए कर्मचारियों को 400 करोड़ के नुकसान हो चुका है। अब हाई कोर्ट के कारण कर्मचारियों को अपना बकाया वेतन वापस मिलेगा। कर्मचारियों को 35000 से लेकर 3.50 लाख एरियर मिलेगा। 

हाई कोर्ट का आर्डर लेकिन शासन स्तर पर सोच विचार

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ओर से आदेश जारी हो गया है लेकिन अब तक मध्य प्रदेश शासन की ओर से इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है। सरकार इस मामले में अपनी वित्तीय स्थिति की समीक्षा कर रही है। इधर कर्मचारी संगठनों द्वारा मध्य प्रदेश शासन की ओर से आदेश जारी किए जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यदि सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश का पालन किया और कर्मचारियों को उनके बकाए वेतन का भुगतान किया तो प्रति कर्मचारी 35000 से लेकर 3.50 लाख तक का भुगतान करना होगा। 

किस कर्मचारी को कितना एरियर मिलेगा

6 साल की सर्विस पूरी करने वाले कर्मचारियों को इतना एरियर मिलेगा
  • प्राथमिक शिक्षक - पे ग्रेड- ₹2400
  • अनुमानित एरियर राशि ₹3,55,000
  • सहायक ग्रेड-3 - पे ग्रेड- ₹1900
  • अनुमानित एरियर राशि ₹2,85,693
  • चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी - पे ग्रेड- ₹1550
  • अनुमानित एरियर राशि ₹1,74,840
  • तृतीय श्रेणी कर्मचारी - पे ग्रेड-₹1800
  • अनुमानित एरियर राशि ₹2,01,540

प्राथमिक शिक्षकों को कितना एरियर मिलेगा

  • भर्ती का साल 2020 - 355185
  • भर्ती का साल 2021 - 270175
  • भर्ती का साल 2022 - 192454
  • भर्ती का साल 2023 - 146790
  • भर्ती का साल 2024 - 106762
  • भर्ती का साल 2025 - 50746


सहायक ग्रेड-3 को कितना एरियर मिलेगा

  • भर्ती का साल- 2020 - 285693
  • भर्ती का साल 2021 - 220173
  • भर्ती का साल 2022 - 160197
  • भर्ती का साल 2023 - 124762
  • भर्ती का साल 2024 - 82642
  • भर्ती का साल 2025 - 37714 

किन कर्मचारियों को लाभ मिलेगा 

यह फैसला मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित लगभग सभी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों पर लागू होगा। इनमें प्रमुख पद शामिल हैं:
लिपिक वर्ग (तृतीय श्रेणी): सहायक ग्रेड-3, वरिष्ठ सहायक, स्टेनो, डेटा एंट्री ऑपरेटर, लेखापाल व सहायक लेखापाल।
अलिपिक वर्ग: पटवारी, तकनीशियन, विभिन्न विभागों में सहायक।
इंजीनियरिंग: सब-इंजीनियर (सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल), असिस्टेंट इंजीनियर।
तकनीकी पद: प्रयोगशाला तकनीशियन, बायोमेडिकल इंजीनियर, फील्ड ऑफिसर।
निरीक्षक पद: निरीक्षक (नाप-तौल), स्वच्छता निरीक्षक, जूनियर सप्लाई ऑफिसर।
अन्य पद: सहायक प्रबंधक, सहायक मानचित्रकार आदि।
चतुर्थ श्रेणी: सहायक ग्रेड-3, स्टेनोग्राफर, स्टेनो-टाइपिस्ट, डेटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, कोडिंग क्लर्क।
ग्राम पंचायत/जनपद स्तर पर: चौकीदार, पंप ऑपरेटर, भृत्य, सफाई कर्मी।
नगर निगम/नगरपालिका स्तर पर: बेलदार, माली, चपरासी आदि। 

सरकार क्या करेगी ?

अब यह मामला मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के पाले में है। देखना हुआ कि वह इस मामले में क्या फैसला लेते हैं। क्या वह हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हैं या फिर प्रमोशन में आरक्षण की तरह इस मामले को भी लंबे समय तक के लिए पेंडिंग कर दिया जाएगा। 
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