भोपाल, 2 जनवरी 2026: फैशन सबका मौलिक अधिकार है परंतु शासकीय सेवक और खास तौर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए परिधान की मर्यादा भी अनिवार्य है। Hoodie पहनकर इंदौर का निरीक्षण करते हुए हर रोज REEL बनवाने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री दिलीप कुमार यादव को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा इंदौर नगर निगम के आयुक्त पद से हटा दिया गया।
पब्लिक में खुद को साउथ इंडियन फिल्मी हीरो की तरह प्रेजेंट करते थे
श्री दिलीप कुमार यादव पर आरोप है कि उन्होंने पार्षद से लेकर महापौर तक किसी की बातों पर ध्यान नहीं दिया। अपना पर्सनल एजेंडा लेकर काम किया और खुद को एक हीरो की तरह प्रेजेंट किया। भागीरथपुरा की जनता की शिकायतों पर ध्यान देने से लेकर समय पर टेंडर की प्रक्रिया पूरी करवाने तक की सारी जिम्मेदारी नगर निगम का कमिश्नर होने के नाते श्री दिलीप कुमार यादव की थी। लेकिन उन्होंने अपने पद की जिम्मेदारी नहीं निभाई।
मुख्यमंत्री ने पूरा नगर निगम बदल डाला
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस मामले में श्री कैलाश विजयवर्गीय को फ्री हैंड दिया हुआ था। इसके कई कारण थे। श्री विजयवर्गीय स्थानीय विधायक हैं, इंदौर के सबसे बड़े भाजपा नेता हैं और नगरीय प्रशासन मंत्री भी है। मतलब यह मामला उनके डिपार्टमेंट का ही है, लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई तब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दखल दिया और समीक्षा बैठक बुलाई। आज एक दिन में उन्होंने नगर निगम इंदौर की पूरी सर्जरी कर डाली। केवल छोटे-मोटे अधिकारी कर्मचारी नहीं बल्कि पूरा नगर निगम बदल डाला।
सबसे पहले टेंडर की फाइल को पेंडिंग करने वाले अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को हटाकर भोपाल बुलाया। उसके बाद नगर निगम में एक साथ तीन आईएएस अधिकारियों की पोस्टिंग की। खरगोन से आकाश सिंह, अलीराजपुर से प्रखर सिंह और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से आशीष कुमार को नगर निगम इंदौर में पदस्थित किया गया। इसके बाद इंदौर नगर निगम के कमिश्नर श्री दिलीप कुमार यादव और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को कारण बताओं नोटिस भी दिया गया। रात होते-होते तारीख बदलने के ठीक पहले श्री दिलीप कुमार यादव को इंदौर नगर निगम के पद से हटकर भोपाल बुला लिया गया। श्री यादव अब श्री प्रहलाद पटेल के डिपार्मेंट पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में सेवाएं देंगे।
संजीव श्रीवास्तव कार्यपालन यंत्री नर्मदा निलंबित
इंदौर के कमिश्नर डॉ सुदाम खाडे द्वारा निगम आयुक्त श्री दिलीप कुमार यादव द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के क्रम में आदेश जारी कर कार्यपालन यंत्री (नर्मदा) श्री संजीव श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
संभागायुक्त महोदय द्वारा जारी आदेश अनुसार भागीरथपुरा में हुए घटनाक्रम में संजीव श्रीवास्तव द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उदासीनता बरती जाने एवं उनकी गंभीर त्रुटि परिलक्षित होने से उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाकर उनका मुख्यालय मुख्य अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, इन्दौर निर्धारित किया गया।
विदित हो कि नगर पालिक निगम, इन्दौर के झोन क्रमांक 04 क्षेत्रान्तर्गत वार्ड क्रमांक 11 में स्थित भागीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा जलप्रदाय की लाईन में ड्रेनेज का पानी मिलने से तथा दूषित जल, नागरिकों के द्वारा पीने के कारण हुए संक्रमण से कतिपय नागरिकों की मृत्यु हो जाने तथा उनके उपचारत होने की उक्त घटना की प्रारंभिक स्तर पर जांच की गयी। उक्त प्रारंभिक जांच में श्री संजीव श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री (नर्मदा) जिनका मूल विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कार्य में लापरवाही करने ओर अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से नहीं करने तथा राज्य शासन के अधिकारी होकर नगर निगम, इन्दौर में कार्यपालन यंत्री के रूप में पदस्थ है, उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए, तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

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