भोपाल, 19 जनवरी 2026: भोपाल नगर निगम में हंगामा होने के बाद सदन के अंदर ऐलान किया गया था कि भोपाल का स्लॉटर हाउस हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है परंतु आज डॉ मनोज यादव ने खुलासा किया है कि स्लॉटर हाउस केवल बाहर से बंद किया गया है, अंदर से चालू है। श्री यादव समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
यह एक बड़ा और संगठन अपराध है: डॉ यादव
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज यादव ने आज पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, भोपाल का बहुचर्चित “गौ मांस कांड” 17 दिसंबर 2025 की रात सामने आया, जब जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में PHQ के पास एक कंटेनर ट्रक पकड़ा गया। इस ट्रक में करीब 26.5 टन मांस भरा हुआ था, जो अपने आप में ही बड़े संगठित अपराध की ओर इशारा करता है। शुरुआत में नगर निगम और स्लॉटर हाउस से जुड़े लोगों ने इसे भैंस का मांस बताया, लेकिन मथुरा स्थित सरकारी लैब की रिपोर्ट ने सच्चाई उजागर कर दी।
रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि यह मांस “Cow or its progeny” यानी गाय या उसके वंश का है।
मध्यप्रदेश में यह अपराध है, इसके बावजूद इतनी बड़ी खेप कैसे निकली, यह सबसे बड़ा सवाल है। यह मामला अब केवल मांस तस्करी का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी और मिलीभगत का बन चुका है।
MIC की जिम्मेदारी से कोई नहीं बच सकता
जिंसी स्लॉटर हाउस सीधे भोपाल नगर निगम के अधीन आता है और उसका पूरा प्रशासनिक नियंत्रण Mayor-in-Council यानी MIC के पास होता है। MIC ही तय करती है कि ठेका किसे मिलेगा, लीज कितने साल की होगी और संचालन की शर्तें क्या होंगी। ऐसे में अगर यहीं से प्रतिबंधित मांस निकल रहा था, तो MIC की जिम्मेदारी से कोई नहीं बच सकता। सबसे बड़ी जिम्मेदारी महापौर मालती राय की बनती है, क्योंकि वे MIC की अध्यक्ष हैं। अगर उन्हें जानकारी नहीं थी, तो यह घोर लापरवाही है, और अगर थी, तो यह सीधी मिलीभगत मानी जाएगी।
MIC के सदस्यों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, जिन्होंने स्लॉटर हाउस से जुड़े फैसलों पर निगरानी नहीं रखी। “समय-वृद्धि” को कागजों में “20 साल की लीज” बना देना यह दिखाता है कि खेल कितनी गहराई तक फैला था।
फुटेज छुपाकर किसे बचाया जा रहा है?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिंसी स्लॉटर हाउस में लगे CCTV कैमरे अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए? जब दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है, तो फुटेज छुपाकर किसे बचाया जा रहा है? क्यों बेकसूर लोगों को फंसाया जा रहा है और असली दोषियों पर पर्दा डाला जा रहा है?
यह भक्ति नहीं, बल्कि राजनीतिक ढोंग है
मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद को गौ-पालक कहते हैं और भाजपा गौ माता को राष्ट्रमाता बनाने की बात करती है। लेकिन उनके ही शासन में भोपाल में 26.5 टन गाय का मांस पकड़ा जाना उनकी “गौ भक्ति” की सच्चाई दिखा देता है। यह भक्ति नहीं, बल्कि राजनीतिक ढोंग है। गौ माता केवल भाषणों और पोस्टरों में नहीं, जमीन पर भी सुरक्षित होनी चाहिए।
इस पूरे मामले में महापौर मालती राय और पूरी Mayor-in-Council एवं मध्य प्रदेश शासन में मंत्री विश्वास सारंग की भी भूमिका की न्यायिक जांच कराए।
गौ माता का वध हो या इंसानों की मौत, भारतीय जनता पार्टी को किसी से कोई फर्क नहीं पड़ता, यह अब साफ दिखने लगा है।छिंदवाड़ा में प्रशासनिक लापरवाही से 25 से ज्यादा बच्चों की जान चली गई, लेकिन दोषियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।इंदौर में दूषित पानी पीने से 25 लोगों की मौत हो गई, फिर भी सरकार की संवेदनाएं नहीं जागीं।
यह दिखाता है कि इनके लिए न गौ माता की रक्षा सच्ची है, न इंसान की जान की कीमत।
सिर्फ बयान और राजनीति होती है, जमीन पर कार्रवाई शून्य है।अगर सरकार संवेदनशील होती, तो हर मौत के बाद जिम्मेदारों को सजा मिलती।
समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश की मांग है कि भोपाल के गौ मांस कांड की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। अगर सरकार ने इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की, तो समाजवादी पार्टी महापौर मालती राय के बंगले का घेराव करेगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री आवास का भी घेराव कर सरकार को जवाबदेही के लिए मजबूर किया जाएगा। गौ माता की रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
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