भोपाल, 3 जनवरी 2026: एक तरफ ठेकेदार और दूसरी तरफ सिटी बस माफिया के जाल में फंसी भोपाल मेट्रो, कमर्शियल पैसेंजर ट्रेन नहीं बल्कि टॉय ट्रेन बंद कर रह गई है। केवल उतने ही लोग आ रहे हैं जिनको मेट्रो ट्रेन देखना है। डेली अप डाउन वाले यात्री इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं क्योंकि यह किसी भी स्तर पर उपयोगी नहीं है।
भोपाल मेट्रो ट्रेन कॉरपोरेशन डिप्रेशन में
भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने किया था। इसके अगले दिन यानी, 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे। मेट्रो चलते हुए शनिवार को 14 दिन बीत गए, लेकिन शुरुआत में जिस संख्या में पैसेंजर मिल रहे थे, वे एक चौथाई भी नहीं है। पहले दिन 21 दिसंबर को पैसेंजर संख्या सबसे ज्यादा 6568 तक पहुंच गई थी, जबकि अब 1 हजार के आसपास ही यात्री मेट्रो में सवार हो रहे हैं। डिप्रेशन में आए मेट्रो कॉरपोरेशन ने न सिर्फ टाइमिंग बदल दी, बल्कि ट्रिप भी घटा दी है। अब एम्स स्टेशन से सुबह 9 बजे की बजाय दोपहर 12 बजे मेट्रो शुरू होगी, जबकि यही से शाम 7.30 बजे आखिरी मेट्रो चलेगी।
हमने तो पहले ही कहा था
21 दिसंबर को जब मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ। उसी दिन समझ में आ गया था। कॉर्पोरेशन ने जिस तरीके के इंतजाम किए थे, स्पष्ट हो गया था कि वह इस ट्रेन को कमर्शियल रन पर लाना ही नहीं चाहते। यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं। मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ केवल एक इवेंट था जो पूरा हो गया है और औपचारिकता के लिए सरकारी खर्चे पर यह ट्रेन दिन में 2-3 चक्कर लगाती रहेगी। लोकल ट्रांसपोर्ट प्रेशर पर इस ट्रेन के कारण कोई राहत नहीं मिलेगी।
13 दिन में 29 हजार पैसेंजर भी नहीं आए
इंदौर में 31 मई-25 को मेट्रो के कमर्शियल रन की शुरुआत की गई थी। यहां पहले ही दिन करीब 26 हजार पैसेंजर मेट्रो में सवार हुए थे। हालांकि, शुरुआती 7 दिन तक इंदौर में मेट्रो में सफर करना फ्री में था, लेकिन भोपाल में ऐसा नहीं किया गया। पहले दिन से ही लोगों को टिकट खरीदना पड़ी। बावजूद पहले दिन कुल 6568 पैसेंजर सवार हुए थे और मेट्रो को टिकट के बदले 2 लाख 5 हजार 350 रुपए मिले थे।
इसके बाद पैसेंजर की संख्या घटती गई। 22, 23 ओर 28 दिसंबर को पैसेंजर 2 हजार से ज्यादा थी। वहीं, 25 दिसंबर को क्रिसमस की छुट्टी होने से 4264 लोगों ने मेट्रो में सवार किया था। 30 दिसंबर को सबसे कम 967 पैसेंजर मेट्रो में बैठे थे। वहीं, नए साल के पहले दिन 2023 और दूसरे दिन 1065 यात्रियों ने सफर किया। यात्रियों की कम संख्या की वजह से ही मेट्रो के समय और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया गया।
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