VIT BHOPAL को सरकारी नियंत्रण में लिया जाएगा, जवाब का इंतजार, मैनेजमेंट बोला- अभी यूनिवर्सिटी नहीं खोलेंगे

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भोपाल, 9 दिसंबर 2025
: मध्य प्रदेश की राजधानी से 70 किलोमीटर दूर सीहोर जिले में VIT Bhopal के नाम से संचालित Private University के अंदर छात्र क्रांति मामले में मीडिया और दर्जनों विधायकों को सरकारी नोटिस के जवाब का इंतजार है। इधर यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने ऐलान किया है कि अभी वह कैंपस ओपन नहीं करेंगे। पहले 8 दिसंबर तक के लिए यूनिवर्सिटी बंद की गई थी, अब यह तारीख बढ़ाकर 20 दिसंबर कर दी गई है।

20 दिसंबर से पहले कैंपस नहीं खुलेगा

रजिस्ट्रार केके नायर ने सभी छात्रों को ईमेल भेजकर साफ कर दिया है कि अकादमिक गतिविधियां (Academic Activities) 20 दिसंबर 2025 के बाद ही शुरू होंगी। कई विभागों और हॉस्टल में अभी मरम्मत का काम चल रहा है, सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह बहाल नहीं हुई है। रजिस्ट्रार केके नायर ने यह भी बताया कि सरकार की तरफ से मिले नोटिस का निर्धारित समय सीमा में जवाब दे दिया जाएगा। 

VIT BHOPAL को सरकारी नियंत्रण में लिया जाएगा: उच्च शिक्षा मंत्री

उच्च शिक्षा मंत्री (श्री इंदर सिंह परमार) ने विधानसभा में स्वीकार किया कि विश्वविद्यालय में शिकायतें मिल रही थीं और छात्रों में बड़ा आक्रोश पैदा हो गया था। उन्होंने पुष्टि की कि 18 पेयजल नमूनों में से 4 में जीवाणु पाए गए थे, और पानी पीने के लिए सुरक्षित नहीं था। उन्होंने स्वीकार किया कि वहाँ की व्यवस्था मानवीय दृष्टिकोण से सही नहीं थी। इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और विश्वविद्यालय को धारा 41(2) के तहत नियंत्रण में लेकर छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि एक भी छात्र का भविष्य खराब नहीं होगा, क्योंकि समस्या प्रबंधन के कारण पैदा हुई है, छात्रों के कारण नहीं।

क्या था पूरा मामला?

लंबे समय से हॉस्टल में खराब क्वालिटी का खाना और दूषित पानी दिए जाने की शिकायतें चल रही थीं। छात्रों का आरोप है कि इसी वजह से कई स्टूडेंट्स पीलिया (Jaundice) की चपेट में आए। तभी 19 साल की छात्रा नेहा साहुकार की पीलिया के चलते मौत की खबर (जिसे बाद में कॉलेज ने अफवाह बताया) फैल गई। गुस्साए छात्रों ने जब वार्डन और सिक्योरिटी गार्ड्स से बात करने की कोशिश की तो कथित तौर पर हाथापाई हुई। बस यही आग में घी का काम कर गया और देखते-देखते लगभग 4 हजार छात्र सड़क पर आ गए। तोड़फोड़ के साथ कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। 

VIT भोपाल में पहले भी हो चुके हैं बड़े विवाद

यह कोई पहला मौका नहीं है जब VIT भोपाल सुर्खियों में रहा हो। यहां पहले भी कई बड़े विवाद हो चुके हैं:
  • - मई 2024: भीषण गर्मी में पीने के पानी की भयंकर किल्लत हो गई थी। कॉलेज ने मेल करके छात्रों को “कम पानी पिएं, मसालेदार खाना न खाएं” जैसी सलाह दी थी। गुस्साए छात्र आधी रात को कैंपस में जमा हो गए थे, फिर ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर परीक्षाएं टाल दी गईं।
  • - नवंबर 2024: कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने की अफवाह पर 74 छात्रों को 6 महीने से 1 साल तक सस्पेंड कर दिया गया था। ABVP ने इसका विरोध किया, सरकार ने जांच कमेटी बनाई।
  • - 2022: हॉस्टल में हनुमान चालीसा पढ़ने पर 7 छात्राओं पर 5,000 रुपए जुर्माना लगा था। मामला इतना बढ़ा कि तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दखल देना पड़ा और जुर्माना हटवाना पड़ा।

देश के महंगे कॉलेजों में शुमार है VIT BHOPAL

VIT भोपाल को देश के टॉप प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में गिना जाता है। यहां देशभर से सरकारी अधिकारियों, बड़े बिजनेसमैन और प्रतिष्ठित परिवारों के बच्चे पढ़ने आते हैं। सालाना फीस 7 से 10 लाख रुपए तक है। फिर भी बार-बार बेसिक सुविधाओं (खाना, पानी, हॉस्टल) को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं।

फिलहाल उच्च शिक्षा विभाग ने भी जांच कमेटी बना रखी है और कॉलेज प्रबंधन से 7 दिन में जवाब मांगा गया है। छात्रों में गुस्सा अभी ठंडा नहीं हुआ है और सोशल मीडिया पर #JusticeForVITStudents जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। 
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