REKHA GUPTA को दिल्ली का मुख्यमंत्री क्यों बनाया, पढ़िए ऐसा क्या खास है

Bhopal Samachar
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भारतीय जनता पार्टी ने लंबे विचार विमर्श के बाद शालीमार विधानसभा सीट से विधायक रेखा गुप्ता को दिल्ली का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार, विधायक रेखा गुप्ता को विधायक दल का नेता चुन लिया है। रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा लेकिन इससे पहले बड़ा सवाल यह है की रेखा गुप्ता कौन है और रेखा गुप्ता को दिल्ली का मुख्यमंत्री क्यों बनाया गया है। 

रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाने का कारण नंबर 1

रेखा गुप्ता को संगठन का काम बड़ी अच्छी तरीके से आता है। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की महासचिव और महिला मोर्चा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर काम कर रही है। दिल्ली में भाजपा की जीत के पीछे रेखा गुप्ता का परिश्रम भी शामिल है। अर्थात संगठन का काम आता है, कार्यकर्ता को महत्व देना आता है, सबको साथ लेकर चलना आता है और फिर महिला है। पार्टी के महिला प्रथम वाले एजेंट में फिट बैठती है। 

रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाने का कारण नंबर 2

50 वर्ष की रेखा गुप्ता मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली है। सन 1974 में हरियाणा के जींद जिले में स्थित नंदगढ़ गांव में रेखा गुप्ता का जन्म हुआ था। इस प्रकार रेखा गुप्ता हरियाणा की बेटी है। हरियाणा की बेटी को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने से हरियाणा राज्य में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति मजबूत होती है। 

रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाने का कारण नंबर 3

रेखा गुप्ता लगातार दो बार चुनाव हारी लेकिन रेखा गुप्ता ने हर नहीं मानी। 2015 में उन्हें आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी ने करीब 11 हजार वोटों से हराया तो वहीं 2020 में उनकी हार का अंतर 3400 वोट के करीब था। 2025 के विधानसभा चुनाव में रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी को 29,595 वोटों से हरा दिया। 

रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाने का सबसे बड़ा कारण 

रेखा गुप्ता मूल रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्र नेता है। 2 वर्ष की उम्र में दिल्ली आ गई थी। प्राइमरी, स्कूल और कॉलेज सब दिल्ली में हुआ। कुंडली में प्रबल राजयोग है। कॉलेज में एबीवीपी ज्वाइन करने के बाद सबसे पहले दौलत राम कॉलेज में सेक्रेटरी का चुनाव जीता। फिर 1995 में दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ की अध्यक्ष बनी। 2007 में उत्तर पीतमपुरा से पार्षद बनीं, 2012 में फिर से पार्षद और इस बार तीसरी अटेम्प्ट में विधायक बन गई। पॉलिटिकल ग्राफ में कुछ खास उपलब्धियां नहीं है परंतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को दिल्ली में संगठन का काम करने वाला मुख्यमंत्री चाहिए। रेखा गुप्ता के अलावा कोई विकल्प नहीं था।

रेखा गुप्ता के पति क्या करते हैं 

रेखा गुप्ता की 1998 में मनीष गुप्ता से शादी हुई थी। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक, रेखा के पति एक लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में बीमा एजेंट काम करते हैं। साथ ही उनकी स्पेयर पार्ट्स की दुकान है।
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