BHOPAL NEWS - टाइगर को देखते ही घबराए ड्राइवर ने SUV पेड़ में ठोक दी

Bhopal Samachar
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जंगल टाइगर का सबसे पसंदीदा घर है। चंदनपुरा, जागरण लेक सिटी और मदरबुल फार्म इलाका टाइगर की टेरिटरी है परंतु भोपाल के कलेक्टर ने उस पर अतिक्रमण कर लिया है। इस बात से बेखबर टाइगर, इस इलाके में खुलेआम घूमते हैं। बीते रोज सड़क पर अपने बच्चों के साथ घूम रहे टाइगर को देखकर SUV का ड्राइवर इतना ज्यादा घबरा गया कि उसने अपनी गाड़ी को एक पेड़ में ठोक दिया। यहां उल्लेख करना जरूरी है कि भोपाल देश का एकमात्र ऐसा शहर है जहां पर इंसान और टाइगर दोनों मित्रता पूर्वक निवास करते हैं। 

एक बड़ा और एक छोटा बाघ घूम रहा है

घटना शुक्रवार सुबह के समय की है। कलेक्टर ने टाइगर की जमीन पर अतिक्रमण करके जागरण लेक सिटी बनाने की अनुमति दे दी। इसलिए इस इलाके में इंसानों की आवाजाही बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह जागरण लेक सिटी के पास सड़क पर अचानक दो बाघों के दिखने से एक एसयूवी चालक घबरा गया और गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शी राजेश जैन ने बताया कि इलाके में एक बड़ा और एक छोटा बाघ घूम रहा है। रेंजर शिवपाल पिपल्दे ने बताया कि बाघों के मूवमेंट के चलते सड़क को इंसानों के लिए बंद कर दिया गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चार दिनों से बाघों का मूवमेंट चंदनपुरा व मदरबुल फार्म इलाके में देखा जा रहा है।

इस क्षेत्र में रात के समय डंपर और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। साथ ही स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में सुबह-शाम सड़क पर सैर करते हैं। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और इन इलाकों में जाने से बचने की अपील की है।

पिछले छह माह में 10 से अधिक बार आया नजर

बाघ मित्र राशिद नूर ने बताया कि बाघ पिछले 10 माह में 10 से 12 बार नजर आ चुका है। पिछले 15-20 दिन पहले बाघ एक कार के पीछे चलते हुए नजर आया था। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इसके पहले वर्षा के सीजन में भी बाघ चंदनपुरा 13 शटर के पास नजर आया था। राशिद ने बताया कि वह सन् 2014 से यहां बाघों का मूवमेंट देख रहे हैं।

तीन महीने में चार से अधिक गाय का किया शिकार

चंदपुरा क्षेत्र में पांच से छह बाघ का मूवमेंट हमेशा बना रहता है। पिछले तीन महीनों में बाघ द्वारा करीब तीन से चार गायों का शिकार किया जा चुका है। मदर बुल फार्म के पास भी बाघ गायों का शिकार करते हैं, लेकिन इस बात की जानकारी वन विभाग सार्वजनिक नहीं करते। उक्त क्षेत्र में हमेशा मवेशी सड़ने की दुर्गंध बनी रहती है।

विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए 

यह बात प्रमाणित हो चुकी है कि, चंदनपुरा, जागरण लेक सिटी और मदरबुल फार्म इलाका, टाइगर की नेचुरल टेरिटरी है। यह मनुष्यों का रेजिडेंशियल एरिया नहीं है। इंसानों की सरकार ने मनमानी करते हुए, टाइगर की जमीन पर कब्जा कर लिया और अपनी गतिविधियां शुरू कर दी है। अब जबकि, टाइगर ने अपनी जमीन का सीमांकन कर दिया है और वह बार-बार अपनी जमीन पर दावा प्रस्तुत कर रहा है तो, इस इलाके में रहने वाले लोगों को विस्थापित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए।

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