CM Sir, मध्य प्रदेश के सभी जिलों में भू-अधिकार सुरक्षा दल गठन करने की कृपा करें - Khula Khat

प्रति, श्रीमान मुख्‍यमंत्री महोदय, म.प्र.शासन, भोपाल; महोदय जी, आपके द्वारा निरंतर कृषि एवं राजस्‍व मामलों मे सुधार हेतु सकारात्‍मक काम किया जा रहा है परंतु सबसे बड़ी समस्‍या है अवैध कब्‍जा एवं सीमांकन की है क्‍योंकि पिछले कई वर्षों से म.प्र मे राजस्‍व निरीक्षकों की भर्ती नहीं हुयी है अकेले रायसेन जिले की ही देवरी उदयपुरा तहसील मे 6 राजस्‍व निरीक्षकों का काम एकमात्र राजस्‍व निरीक्षक राजेंद्र सोनी जी द्वारा किया जा रहा है ऐसे मे सीमांकन मुश्‍किल से होता है फिर न्‍यायालयीन कार्यवाही मे समय व धन नष्‍ट होता है कई बार बड़े विवाद व हत्‍या तक हो जाती है ये मात्र एक जिले की हालत है जहॉं 44 राजस्‍व निरीक्षकों का काम 16 लोग कर रहे है व निष्‍पक्षता पर आक्षेप लगते है।

ऐसा सिस्टम बना की गड़बड़ी की संभावना ही ना हो

प्रदेश के सभी जिलों मे जिलास्‍तर पर भू अधिकार सुरक्षा दल का गठन किया जाये, जिसमें, पटवारी राजस्‍व निरीक्षक कार्यपालिक मजिस्‍ट्रेट पुलिस बल एवं सीमांकन हेतु आधुनिक एटीएस मशीनें शा‍मिल हो। चाहे इसके लिये सीमांकन फीस प्रति एकड़ 2000 रूपये हो। इससे जरूरतमंद ही सीमांकन आवेदन करेंगे एवं इस सीमांकन की विधिवत वीडियोग्राफी की व्‍यवस्‍था भी हो, ताकि गड़बड़ी की आशंका न बचे। साथ ही इस दल द्वारा सीमांकन के बाद तत्‍काल कब्‍जा दिलाने की कार्यवाही की जाये, जिससे आवेदक का समय व धन नष्‍ट न हो। 

भूमि विवाद का एकमात्र निराकरण सीमांकन ही है

इसमें यह व्‍यवस्‍था भी की जाये कि यदि किसी का मकान, नलकूप, डीपी आदि किसी अन्‍य की जितनी जगह मे आते है तब उतनी भूमि का शासकीय मूल्‍य उस व्‍यक्ति को दिया जाये। इसके लिये अधिकतम 3 से 6 माह का समय निर्धारित किया जाये, अन्‍यथा अभी जो व्‍यवस्‍था है उसमे तहसील से लेकर हाईकोर्ट व सुप्रीमकोर्ट तक मामले जाते है, क्‍योंकि अवैध कब्‍जा हटाने व पूरी भूमि पाने का साधन सीमांकन ही है। 

अत: निवेदन है कि हर जिले मे तीन-चार ऐसी टीम बनायी जाये। इससे शासन को उचित सीमांकन फीस व आवेदक को शीघ्र न्‍याय मिलेगा। इसमें सीमांकन आवेदन करने के 60 दिन के भीतर सीमांकन करने का हरसंभव प्रयास किया जाये व तत्‍काल कब्‍जा दिलाने की कार्यवाही की जाये।

सादर धन्‍यवाद
आशीष कुमार बिरथरिया
उदयपुरा जिला रायसेन म.प्र
मो.7999421407

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