MP NEWS - हरदा हादसा मामले में बीना के कारखाना निरीक्षक सस्पेंड, राजेश अग्रवाल को बरी करवाया था

मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल द्वारा अग्रवाल फायरवर्क्स हरदा में इस साल का सबसे बड़ा ब्लास्ट होने के बाद श्री नवीन कुमार बरवा, कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, (बीना) सागर संभाग को सस्पेंड कर दिया गया। दरअसल, हरदा न्यायालय द्वारा अग्रवाल फायरवर्क्स के मालिक राजेश अग्रवाल के खिलाफ चल रहे एक मुकदमे में, उनकी मदद करने के आरोप में श्री नवीन कुमार के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। पूरा मामला पढ़िए:- 

नवीन कुमार बरवा ने सन 2015 में ही गड़बड़ी पकड़ ली थी

श्री नवीन कुमार बरवा, कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, (बीना) सागर संभाग, सागर, पूर्व में कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा भोपाल के पद पर पदस्थ थे। उन्होंने दिनांक 05.07.2015 एवं 08.07.2015 को ग्राम बैरागढ़, मगरधा रोड, हरदा स्थित अग्रवाल फायर वर्क्स का निरीक्षण किया था। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने बताया था कि, उक्त कारखाना बिना लायसेंस के खतरनाक विनिर्माण प्रक्रिया के अंतर्गत विस्फोटक सामग्री का निर्माण एवं भण्डारण करता हुआ पाया गया है। साथ ही अग्निशामक सुरक्षा यंत्रों की उपलब्धता नियमानुसार नहीं है। इस निरीक्षण के बाद उन्होंने कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 6 एवं 7 सपठित म.प्र. कारखाना नियमावली 1962 के अनेक प्रावधानों का उल्लंघन पाये जाने पर कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 92 के तहत राजेश अग्रवाल, कारखाना प्रबंधक एवं अधिभोगी के विरूद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हरदा के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया था। 

कोर्ट में केस लगाया लेकिन सबूत प्रस्तुत नहीं किया

इस मामले में श्री नवीन कुमार बरवा, कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा स्वयं मुख्य साक्षी थे। उन्होंने परिवाद प्रस्तुत किया था इसलिए उन्हें कोर्ट में पूरे केस को फॉलो करना था। न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करने तक तो श्री नवीन कुमार ने पूरी ईमानदारी से काम किया लेकिन उसके बाद न्यायालय में सबूत प्रस्तुत करना तो दूर की बात, बयान दर्ज करने के लिए भी उपस्थित नहीं हुए। हरदा न्यायालय द्वारा कई बार समन / जमानती वारंट/ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। यहां तक कि उनके मोबाइल नंबर 9981595176 पर भी बयान देने और सबूत प्रस्तुत करने के लिए सूचना दी गई लेकिन श्री नवीन कुमार बरवा साक्ष्य हेतु उपस्थित नहीं हुये। 

कोर्ट ने 1 साल पहले नवीन कुमार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे

उनके उपस्थित नहीं होने के कारण कोर्ट में राजेश अग्रवाल के खिलाफ अपराध साबित नहीं हो पाया और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हरदा ने प्रकरण क्रमांक सी.एन.आर. एम. पी. 47010046132015 में पारित निर्णय दिनांक 21.02.2023 के द्वारा राजेश अग्रवाल को दोष मुक्त घोषित कर दिया। इसके साथ ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हरदा ने श्री बरवा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए थे। 

हरदा में ब्लास्ट हुआ तब श्रम विभाग मंत्रालय ने कार्रवाई की

डिपार्टमेंट द्वारा पूरे 1 साल तक नवीन कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई लेकिन हरदा में ब्लास्ट हो जाने और इसके अंदर 10 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु और 200 से अधिक व्यक्तियों के गंभीर रूप से घायल हो जाने के बाद श्रम विभाग मंत्रालय द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक सी/0/2/96/3/एक, दिनांक 17.04.1996 में निहित प्रावधानों के परिप्रेक्ष्य में म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियमों का उल्लघंन पाए जाने से म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 की शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये राज्य शासन एतद्‌द्वारा श्री नवीन कुमार बरवा, कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, (बीना) सागर संभाग, सागर को निलंबित कर दिया गया। 

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