MP WEATHER FORECAST - 3 जिलों में पाला पड़ेगा, 2 जिलों में तीव्र शीतलहर और 4 जिलों में शीतलहर

हिमालय की बर्फीली हवाएं मध्य प्रदेश में लोगों को चार दिवारी के भीतर रहने के लिए मजबूर कर रही हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र द्वारा टोटल 9 जिलों के लिए चेतावरी जारी की गई है। इनमें से तीन जिलों में पाला पड़ने की संभावना है। दो जिलों में तीव्र शीतलहर और चार जिलों में शीतलहर का प्रकोप रहेगा। 

मध्य प्रदेश मौसम का पूर्वानुमान - 9 जिलों में ठंड का कर्फ्यू और कहर

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत मौसम केंद्र भोपाल की ओर से जारी मौसम का पूर्वानुमान एवं किसान मौसम बुलेटिन के अनुसार सागर, छतरपुर और गुना जिलों में पाला पड़ने की संभावना है। इसके अलावा छतरपुर, ग्वालियर और दतिया में सीवियर कोल्ड वेव चलेगी। इसके कारण हवा के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों को कई प्रकार की बीमारियों का खतरा है। सागर,गुना के अलावा छतरपुर और दतिया के कुछ इलाकों में कोल्ड वेव चलेगी। 

तीव्र शीतलहर से क्या नुकसान होता है, कैसे बचें

  • तीव्र शीतलहर की स्थिति में मनुष्य, पशु और पौधों को काफी नुकसान होता है। Frostbite की समस्या सबसे आम है। यह मनुष्य और जानवर दोनों को होता है। इसमें स्किन का कुछ हिस्सा लाल हो जाता है। शरीर में दर्द होने लगता है और सूजन भी आ सकती है। इसको नजर अंदाज करने पर शरीर का कोई अंग काम करना बंद कर सकता है और इसके लगातार बने रहने की स्थिति में मृत्यु भी हो सकती है। 
  • श्वास नली और फेफड़ों में ठंडी हवा के कारण डिस्टरबेंस पैदा हो जाता है। सांस लेने में तकलीफ होती है। सर्दी और खांसी इसका प्राथमिक लक्षण है। 
  • शीतलहर के कारण हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ जाती हैं। हवा के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों का ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है। आर्टरी सिकुड़ जाती है। ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बन जाता है। 

शीतलहर से बचने का सबसे सरल तरीका 

इससे बचने का सबसे सरल तरीका यह है कि, खुली हवा में केवल उतने ही समय तक रहे जितने समय तक आपका शरीर सहन कर सकता है। यदि शरीर को ठंड महसूस होती है तो तत्काल किसी कमरे में चले जाएं। 
ठंड के मौसम में कमरा बंद करते समय ध्यान रखें कि ऑक्सीजन के आने की गुंजाइश बनी रहे। 
ठंड से बचने के लिए मदिरा इत्यादि का सेवन न करें और नशे की स्थिति में खुली हवा में बिल्कुल ना जाए। 
कई परत वाले कपड़े पहने। 


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