BNS 19, IPC 81 - कई जान बचाने, यदि एक को मारना पड़े तो सजा मिलेगी या शाबाशी, पढ़िए

Legal general knowledge and law study notes 

यदि कोई यात्री वाहन चालक, अनेक यात्रियों की जान बचाने के लिए, कोई अन्य विकल्प न होने की स्थिति में, किसी व्यक्ति को टक्कर मार दे, वह व्यक्ति घायल हो जाए अथवा उसकी मृत्यु हो जाए, तब ड्राइवर के साथ किस प्रकार का कानूनी व्यवहार होगा। उसे अनेक यात्रियों की जान बचाने के लिए शाबाशी दी जाएगी या फिर एक व्यक्ति को टक्कर मार कर घायल करने अथवा उसकी मृत्यु के लिए सजा दी जाएगी। आईए पता लगते हैं:-

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 19, भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 81 की परिभाषा 

अगर कोई व्यक्ति ऐसा सावधानीपूर्वक कार्य कर रहा है जिससे किसी भी प्रकार की हानि होने की संभावना नहीं है और किसी को हानि हो जाती है तब ऐसा अपराध क्षमा योग्य माना जायेगा। निम्न शर्तो के अधीन:- 
1. कार्य करते समय व्यक्ति का कोई आपराधिक उद्देश्य नहीं होना चाहिये।
2. व्यक्तियों या संपत्ति को बचाने के लिए सावधानीपूर्वक किया गया कार्य।
3. बिना आपराधिक आशय से कम अपहानि के बदले ज्यादा अपहानि को होने से रोकने के लिए किया गया कार्य।

उधारानुसार:- अगर किसी जल मार्ग में बड़ा जलयान चल रहा है एवं उसके अगल-बगल में छोटी-छोटी नावे चल रहा है। जलयान में 60 से अधिक व्यक्ति बैठे हुए हैं तब जलयान के सामने पत्थर आने वाला होता है, जिससे जलयान नष्ट हो सकता है। तब जलयान चालक 60 व्यक्तियों को बचाने के लिए अपनी सीमा में परिवर्तन करेगा एवं इससे छोटी नाव में एक या दो व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है एवं नाव  क्षतिग्रस्त हो जाती है। तब जलयान चालक द्वारा कोई अपराध नहीं माना जायेगा क्योंकि उसने ज्यादा व्यक्ति की जान बचाने के लिए ऐसा कार्य बिना आपराधिक उद्देश्य से किया था।

" रेल दुर्घटनाओं के मामले में ट्रेन के चालक इसी धारा के तहत क्षमादान दिया जाता है" 

The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 section 19, Indian Penal Code, 1860 section 81 Punishment 

यदि ड्राइवर के सामने दो विकल्प हैं। एक तरफ अपने यात्रियों की जान बचाने के लिए वह राहगीर को टक्कर मार सकता है और दूसरी तरफ राहगीरों की जान बचाने के प्रयास में उसके मोटर वाहन को नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में यदि वह राहगीर को टक्कर मारता है और कहता है कि अनेक यात्रियों की जान बचाने के लिए उसने एक राहगीर को टक्कर मारी है, तब उसे इस धारा के तहत क्षमा नहीं किया जाएगा। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) 

:- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद) 9827737665 , इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

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