MP NEWS - मुख्यमंत्री का सिंधिया पर पहला हमला, उज्जैन में रात्रि विश्राम, मिथक तोड़ा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पहला हमला सिंधिया राजवंश पर किया है। उन्होंने उज्जैन में रात्रि विश्राम किया और उसे मिथक को तोड़ दिया, जिसमें कहा जाता था कि कोई भी मुख्यमंत्री उज्जैन में रात्रि विश्राम नहीं करता। श्री यादव ने कहा कि, यह मान्यता दौलत राव सिंधिया द्वारा फैलाई गई थी। इसका कोई शास्त्रीय आधार नहीं है। और लेकिन यह है कि स्वर्गीय दौलत रावत सिंधिया, केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पूर्वज हैं। 

ग्वालियर को राजधानी बनाने के लिए सिंधिया ने यह मान्यता फैला दी थी

शनिवार रात ही CM ने उज्जैन में जनसभा में कहा, 'इस मिथक को तत्कालीन राजा दौलत राव सिंधिया ने बनाया। तत्कालीन राजा महाद जी सिंधिया के निधन के बाद दौलत राव सिंधिया राजधानी को उज्जैन से ग्वालियर ले जाना चाहते थे। 1812 में वे राजधानी तो ले ही गए, धीरे से एक मंत्र फूंक गए कि यहां (उज्जैन) कोई राजा रात को नहीं रहेगा, जिससे कोई कब्जा करने नहीं आए। यह उनकी राजनीतिक रणनीति थी।'

हम महाकाल की संतान है, अपने घर में क्यों नहीं रुकेंगे, मुख्यमंत्री ने कहा

उन्होंने आगे कहा, 'अब हम भी कहते हैं कि राजा रात नहीं रहेगा। अरे, राजा तो बाबा महाकाल हैं, हम सब तो बेटे हैं उनके, क्यों रात नहीं रहेंगे? ब्रह्मांड में कहां कोई बच सकता है अगर महाकाल ने टेढ़ी निगाह कर ली तो? मुझसे मोदी जी ने कहा कि बनारस मैं संभालता हूं, मोहन जी आप उज्जैन संभालो। मैं मुख्यमंत्री नहीं, मुख्य सेवक हूं।'

सीएम डॉ. यादव शनिवार को विकसित भारत संकल्प यात्रा के उद्घाटन समारोह में शामिल होने उज्जैन पहुंचे। बाद में उनका दशहरा मैदान से छत्री चौक तक सात किलोमीटर लंबा रोड शो भी हुआ। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही यह चर्चा थी कि वे सीएम के रूप में उज्जैन में रात्रि विश्राम करेंगे या नहीं? शिवराज सिंह चौहान 18 साल के अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान कभी उज्जैन में रात में नहीं रुके। सिंधिया राजवंश के सदस्य आज भी उज्जैन में रात्रि विश्राम नहीं करते। शिवराज सिंह से पहले भी किसी मुख्यमंत्री ने रात्रि विश्राम नहीं किया। 

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