मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती- हाईकोर्ट ने कैंडिडेट को ट्राइबल से स्कूल शिक्षा में नियुक्ति देने के आदेश दिए

Bhopal Samachar
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Madhya Pradesh government school teacher recruitment high Court news

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आज एक याचिका का निराकरण करते हुए मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त को आदेशित किया है कि वह याचिकाकर्ता केंद्रीय की नियुक्ति ट्राइबल डिपार्टमेंट से निरस्त करके स्कूल शिक्षा विभाग में उसकी चॉइस फिलिंग के अनुसार सागर जिले में पदस्थापना सुनिश्चित करें। 

श्री अमन दुबे बनाम मध्यप्रदेश शासन - शिक्षक भर्ती पदस्थापना विभाग

श्री अमन दुबे निवासी जिला सागर प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में 116 अंक अर्जित कर के मेरिट सूची में क्रमांक 1388 एवं EWS कैटेगरी में क्रमांक दो सौ पर सूचीबद्ध किए गए थे। चॉइस सीलिंग के समय श्री अमन दुबे द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई थी और जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों को अपनी चॉइस में शामिल ही नहीं किया था। इसके बावजूद श्री अमन दुबे की नियुक्ति ट्राइबल डिपार्टमेंट के मंडला जिला में कर दी गई। 

श्री अमन दुबे ने अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ठाकुर के माध्यम से हाईकोर्ट में इस नियुक्ति की प्रक्रिया को चुनौती दी। WP 8780/2023 की सुनवाई दिनांक 29 अप्रैल 2023 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश जस्टिस संजय द्विवेदी की खंडपीठ द्वारा की गई। अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ठाकुर ने अपनी दलील में बताया कि, इस याचिका का मुख्य आधार यह है कि मेरिट लिस्ट में याचिकाकर्ता से कम अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को उसकी चॉइस के अनुसार गृह जिले में स्थापना दी गई जबकि मेरिट लिस्ट में अच्छे अंक प्राप्त करने के बाद भी याचिकाकर्ता की चॉइस को कोई महत्व नहीं दिया गया। 

मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए नोडल एजेंसी लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा किया गया उपरोक्त कृत्य सुप्रीम कोर्ट के मार्गदर्शी सिद्धांतों के विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ सहित कई प्रकरणों में मार्गदर्शी सिद्धांत प्रतिपादित किए गए हैं, कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी ने यदि अनारक्षित के बराबर अंक हासिल किए हैं तो उसे उसकी पहली पसंद के आधार पर पदस्थापना दी जाऐगी तथा सुप्रीम कोर्ट का यह सिद्धांत आरक्षित वर्ग के अंतर्गत आने वाली ओबीसी एससी एसटी एवं ईडब्ल्यूएस पर समान रूप से लागू होता है। 

अधिवक्ता के उपरोक्त तर्कों से सहमत होते हुए हाई कोर्ट द्वारा कमिश्नर लोक शिक्षण संचनालय भोपाल को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में याचिकाकर्ता की 30 दिवस के अंदर  ट्राइबल विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में उसकी पहली पसंद के आधार पर जिला सागर में पदस्थापना करने का समुचित आदेश पारित किया जाए। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं राम भजन लोधी द्वारा की गई। 

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