गेंदे का फूल क्या सिर्फ माला बनाने पैदा किया गया या कुछ खास भी है, पढ़िए GK Today

What is so special about marigold

गेंदे के फूल तो आपने देखी ही होंगे। जन्म, सफलता, शादी, राजनीति, धर्म, समाज और मृत्यु यानी अंतिम संस्कार तक गेंदे का फूल जीवन में हर कदम पर मनुष्यों के साथ होता है। सवाल यह है कि क्या प्राचीन वैज्ञानिक यानी ऋषि-मुनियों ने गेंदे के पौधे का आविष्कार या खोज इसीलिए किया था या फिर इसमें कुछ और भी खास बात है। आइए जानते हैं:- 

Amazing facts in Hindi about Marigold

बहुत सारे लोगों को जानकर यह आश्चर्य होगा कि गेंदे का पौधा एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है जो मनुष्य के जीवन के लिए बेहद उपयोगी है। सरल शब्दों में आप कह सकते हैं कि गेंदे का पौधा एक आयुर्वेदिक फर्स्ट एड किट है। गेंदा ऐसी बहुत सारी बीमारियों में चमत्कारी रूप से राहत पहुंचाता है, जो लगभग हर घर में किसी ना किसी को जरूर होती है। गेंदे का पंचांग यानी फूल, पत्ती, तना, जड़ और बीज काफी काम की चीज है। समझने के लिए थोड़ा आसान बनाते हैं। गेंदे को संस्कृत में झंडू कहते हैं। अब आप कुछ-कुछ समझ गए होंगे। 

What are the Ayurvedic uses of marigold

  • गेंदे के फूल का पेस्ट लगाने से सूजन दूर हो जाती है। 
  • चोट पर लगाने से खून के थक्के जम जाते हैं। खून बहना बंद हो जाता है। 
  • जोड़ों के दर्द में गेंदे के फूल का पेस्ट काफी लाभ देता है। 
  • हाथ या पैर में मोच आ जाने पर यह सबसे सरल और सस्ता देसी इलाज है।
  • कान में दर्द होने पर मेरीगोल्ड के पत्तों का रस डालते हैं। 
  • गेंदे के पेड़ के पत्तों का पेस्ट दाद को पूरी तरह से खत्म कर देता है। 
  • गेंदे के पत्तों का काढ़ा बनाकर गरारे करने से दातों का दर्द दूर हो जाता है। 
  • मेडिकल साइंस के अनुसार गेंदे की पत्तियों में क्वैर्सेटाजेटिन नामक एक फ्लेवनॉल पाया जाता है। जिसमें एंटी-डायबिटीज अथवा मधुमेहरोधी, एंटी-एचआईवी, एंटी-कैंसर, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीवायरल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए गए हैं।

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