MP karmchari news- पॉलीटेक्निक अतिथि व्याख्याता फिक्स मानदेय हेतु सांसद से मिले

शिवपुरी
प्रवास पर आए गुना-शिवपुरी सांसद डॉ. केपी यादव से पॉलीटेक्निक अतिथि विद्वान संघ के प्रदेश सचिव दिनेश कुमार ने ज्ञापन देकर लंबित फिक्स मानदेय की मांग की इस अवसर पर अतिथि व्याख्याता मनोज शाक्य और मनीष चौकोटिया एवं अतिथि व्याख्याता उपस्थित रहे।

कैबिनेट में 1 वर्ष पूर्व निर्णय आज भी लंबित 

पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग अतिथि व्याख्याताओं के कैबिनेट से 1 वर्ष पूर्व 18 जनवरी 2022 को कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं को ही न्यूनतम फिक्स मानदेय प्रतिमाह रुपए 30000 (तीस हजार रूपए) दिए जाने के लिए तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा प्रस्ताव पास किया गया था किंतु उच्च पदों पर आसीन प्रशासनिक अधिकारियों की मनमाने रवैए के चलते आदेश आज दिनांक तक जारी नहीं हुआ है।

AICTE के नियमों का नहीं पालन 

विभाग द्वारा 20 वर्षों से एआईसीटीई (ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन) के मापदंडों के अनुसार अहर्ता रखते हुए वर्तमान में कार्य कर रहे है। किंतु 11 जनवरी 2023 को डीटीई (डिपार्टमेंट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन) सतपुड़ा भवन भोपाल द्वारा पोर्टल के माध्यम से मनमाने तरीके से पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रथम श्रेणी में न्यूनतम अर्हता को वरीयता न देते हुए उच्चतम अहर्ता पीएचडी, एमटेक को रखा गया है जबकि नियमानुसार उच्चतम अहर्ता का सिर्फ अधिभार जोड़े जाने का नियम है। इस पर विभाग द्वारा एआईसीटीई नियमों की अनदेखी की गई है। 

अवैध गेट स्कोर कार्ड किए मान्य 

यहां बताना चाहेंगे कि उच्च न्यायालय खंड पीठ द्वारा पूर्व में गेट (ग्रेजुएशन एप्टीट्यूड इन इंजजिरिंग) कोई शैक्षणिक योग्यता नहीं है यह मात्र उच्च शिक्षा अध्यन का एक माध्यम है। फिर भी विभागीय अधिकारियों द्वारा  अतिथि व्याख्याता भर्ती में गेट स्कोर कार्ड को मान्यता दे दी किंतु सत्यापन नियमावली में सत्यापन केंद्रों पर नोडल अधिकारयों को विभाग द्वारा कोई भी वैध मैन्युअल नहीं दिया इस कारण से जिन आवेदकों के पास 2 साल के बाद एक्सपायरी डेट बाला गेट स्कोर कार्ड था उसका सत्यापन नहीं किया गया जबकि कुछ केंद्रों पर सत्यापन हुआ। इस प्रकार जारी मेरिट लिस्ट में अनियमितता प्रतीत होती है। 

पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग अतिथि व्याख्याताओं की मुख्य मांगे 

1. AICTE नियमानुसार BE /B.TECH न्यूनतम अर्हताधारी अनुभवी कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं को फिक्स मानदेय की कार्यवाही प्राथमिकता से की जावे।  उच्चतम अर्हता का अधिभार जोड़कर समायोजित किया जावे। 
2. वर्तमान में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं का डाटा DTE PORTAL पर नए अतिथि व्याख्याता भर्ती से पहले सार्वजनिक किया जावे।
3. कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं के लिए फिक्स - मानदेय रू. 57700/- प्रतिमाह जारी कर सामान कार्य - समान वेतन का लाभ वर्तमान में महगाई दर के हिसाब से दिया जावे। 
4. कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं को 65 वर्ष की उम्र सीमा तक स्थायित्व देते हुए नौकरी से न हटाया जावे।
5. महिला अतिथि व्याख्याताओं को मातृत्व अवकाश का लाभ दिया जावे। 
6. कार्यरत अतिथि व्याख्याता की पोस्ट को विभाग ने रिक्त नहीं माना है अतः ट्रांसफर नीति से कार्यरत अतिथि व्याख्याता को नियमित व्याख्याता से ट्रांसफर न किया जावे।

✔ इसी प्रकार की जानकारियों और समाचार के लिए कृपया यहां क्लिक करके हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें एवं यहां क्लिक करके हमारा टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करें। क्योंकि भोपाल समाचार के टेलीग्राम चैनल पर कुछ स्पेशल भी होता है।