GWALIOR MELA NEWS- उद्घाटन की तैयारियां पूरी, धूमधाम से चलेगा, दुकानों की कालाबाजारी का आरोप

ग्वालियर
। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े व्यापार मेला के उद्घाटन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। यह भी सुनिश्चित हो गया है कि ग्वालियर व्यापार मेला धूमधाम के साथ संचालित होगा। पिछले सप्ताह कोरोनावायरस को लेकर जो दहशत की स्थिति बनी थी वह भी अब सामान्य हो गई है। 

सैलानियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो

कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 5 जनवरी को प्रस्तावित मेले के उदघाटन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में निर्देश दिए की श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेले में सैलानियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो। सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मेले की अन्य दुकानों व जलपान गृहों से भी सुरक्षा प्रमाण-पत्र लिए जाएँ। झूला सेक्टर में लगे सभी प्रकार के झूलों की क्षमता, सुरक्षा व बिजली लाईनों से सुरक्षा के संबंध में लोक निर्माण एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों से हर झूले का सुरक्षा प्रमाण-पत्र लिया जाए।

ग्वालियर मेला में कोई कसर नहीं रहनी चाहिए: प्रभारी मंत्री ने कहा

जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि ऐतिहासिक श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला में सैलानियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराएँ। मेला परिसर में साफ-सफाई, पेयजल का पर्याप्त प्रबंध हो। साथ ही सम्पूर्ण मेला परिसर में आवागमन भी सुगम बना रहे। श्री सिलावट ने शनिवार को ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर मेले की तैयारी, खेलो इंडिया व ग्वालियर खेल महोत्सव की तैयारी, कोविड-19 के मद्देनजर अस्पतालों में एहतियात बतौर पुख्ता इंतजाम, शहर की सड़कों की मरम्मत, साफ-सफाई व स्ट्रीट लाईट, जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन नल-जल योजनाओं सहित सरकार के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की समीक्षा की। 

दुकानों की कालाबाजारी का आरोप

माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला में पक्की दुकान 30 प्रतिशत से अधिक खाली पड़ी हुई हैं। उसका कारण दुकानों की कालाबाजारी है। कुछ व्यापारियों ने बड़ी चतुराई के साथ दुकानों को अपने नाम अलॉट करवा लिया लेकिन दुकान नहीं लगाई। जो दुकानदार मेले में दुकान चाहते हैं उन्हें ब्लैक में बेची जा रही है। कश्मीरी बाजार से लेकर 11 नंबर छत्री, झूला सेक्टर में खाली पड़ी दुकानों को ब्लैक में देने के लिए मोटी रकम मांगी जा रही है। नियमानुसार एक किराएदार, किराए पर ली गई संपत्ति को दूसरे व्यक्ति को किराए पर नहीं दे सकता। इसके बावजूद मेला प्राधिकरण इस मामले में कोई दखल नहीं दे रहा है।