चरघातांकी वृद्धि और संभार तंत्र वृद्धि - Exponential Growth and Logistic Growth- 12th NCERT

इसे समझाने के लिए एक बहुत ही लोकप्रिय किस्सा है। राजा और मंत्री शतरंज खेलने बैठे। अपनी जीत के प्रति आश्वस्त राजा, मंत्री द्वारा प्रस्तावित किसी भी शर्त को स्वीकार करने के लिए तैयार था। मंत्री ने नम्रतापूर्वक कहा कि अगर वह जीत गया तो वह गेहूं के केवल कुछ दाने लेगा। जिसकी मात्रा शतरंज की बिसात के पहले खाने (यानी वर्ग) में एक दाना,तब दूसरे खाने में दो, तीसरे में चार, चौथे में आठ और इस प्रकार दानों की पिछली मात्रा से दोगुना करते हुए अगले खाने में रखते जाना है, जब तक कि सभी 64 खानों भर नहीं जाते। 

राजा ने मूर्खतापूर्ण लगने वाली शर्त मान ली और खेल शुरू कर दिया, लेकिन राजा के दुर्भाग्यवश मंत्री जीत गया। राजा को लगा कि मंत्री की शर्त पूरी करना बहुत आसान था। उसने पहले खाने के एक दाना रखकर शुरुआत की और मंत्री द्वारा सुझाई गई प्रक्रिया के अनुसार अन्य खानों को भरता गया, लेकिन बिसात के आधे खाने भरने तक राजा ने अनुभव किया कि उसके राज्य में उत्पादित सारे गेहूं मिलकर भी 64 वर्गों को नहीं भर पाएंगे। 

यह कोई मनगढ़ंत कहानी नहीं है, बल्कि एनसीईआरटी क्लास 12th बायोलोजी Book के चैपटर 13 जीव और समष्टिया (Organism and Population) मैं दिया गया एक रोचक किस्सा है। 

चरघातांकी वृद्धि क्या है - What is Exponential Growth or Geometric Growth 

जब असीमित संसाधन उपलब्ध होते हैं तो पापुलेशन चरघातांकी रूप से वृद्धि करती है। जिसके कारण एक विशाल समष्टी (population) पापुलेशन जल्द ही निर्मित हो जाती है। यह वृद्धि जियोमेट्रिक फैशन या शैली (Geometric Fashion or style) यानी 02 से 04, 04 से 08 से 16, 16 से 32 और आगे भी इसी प्रकार से वृद्धि होती जाती है। 

संभार तंत्र वृद्धि क्या है - What is Logistic Growth 

जब संसाधन सीमित होते हैं। तब इस प्रकार की वृद्धि होती है। प्रकृति के किसी भी  पापुलेशन के पास इतने असीमित साधन नहीं होते कि वह चरघातांकी रूप से वृद्धि करती रहे। इसके कारण सीमित संसाधनों के लिए व्यष्टियों में प्रतिस्पर्धा होती रहती है और आखिर में योग्यतम व्यष्टि (Individual) ही जीवित बनी रहेंगी और जनन करेगी और संभार तंत्र में वृद्धि, अंकगणितीय रूप (Arthmatic Fashion) से वृद्धि करती है यानी 02 से 04, 04 से 06, 06 से 08, 08 से 10 और आगे भी इसी प्रकार से वृद्धि होती जाती है। 

माल्थस ने अपनी पॉपुलेशन थ्योरी मैं कहा कि ऑर्गेनाइज्म्स की वृद्धि, जियोमेट्रिक फैशन में होती है, जबकि रिसोर्सेज की वृद्धि अर्थमेटिक फैशन में होती है।