MP NEWS- कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, मैं दोनों हाथ जोड़कर आपसे माफी मांगता हूं

भोपाल
। मध्य प्रदेश में इंदौर के दिग्गज नेता श्री कैलाश विजयवर्गीय ने दमोह के दिग्गज नेता श्री जयंत मलैया से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव होने के नाते पार्टी की ओर से माफी मांगी। उल्लेखनीय है कि जयंत मलैया को पार्टी विरोधी गतिविधियों के संदेह में नोटिस दिया गया था। 

जयंत मलैया अमृत महोत्सव में भाजपा ने भरे मंच से माफी मांगी

श्री कैलाश विजयवर्गीय दमोह में जयंत मलैया के जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित अमृत महोत्सव में उनके समर्थकों के सामने भरे मंच से कहा कि, व्यक्ति भूल कर सकता है, इसलिए पार्टी भी भूल कर सकती है और इसलिए मैं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री होने के नाते आपसे दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। श्री विजयवर्गीय ने कहा कि जयंत मलैया जैसे नेताओं को तैयार होने में दशकों लग जाते हैं, तपस्या करनी पड़ती है, तब जाकर जयंत मलैया जैसे लोग तैयार होते हैं। 

भाजपा और जयंत मलैया के बीच विवाद क्या है

जयंत मलैया दमोह के पुराने नेता है। उन्होंने दमोह में पार्टी का विस्तार किया और पार्टी के लिए काफी काम किया। बदले में पार्टी ने भी उन्हें काफी महत्व दिया। कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद हर बार चुनाव का टिकट दिया। उनके कहने पर दमोह में टिकट वितरण की जाती थी। कैबिनेट मंत्री बनाया। कुल मिलाकर दमोह में जयंत मलैया का फैसला भाजपा का फैसला होता था। 

साल 2018 में दमोह में कांग्रेस विधायक राहुल सिंह ने इस्तीफा दिया और भाजपा में शामिल हो गए। जैसा कि पार्टी की ओर से वादा किया गया था, भाजपा ने उपचुनाव में उन्हें दमोह से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। जयंत मलैया के समर्थकों की ओर से पार्टी के इस फैसले का खुला विरोध किया गया। वह चाहते थे कि जयंत मलैया के पुत्र सिद्धार्थ मलैया को टिकट दिया जाए। इस घटनाक्रम में जयंत मलैया ने पार्टी का साथ नहीं दिया। नतीजा मलैया समर्थक, भाजपा से अलग हो गए और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार नहीं किया। नतीजा भाजपा में शामिल होने के बाद विधायक राहुल लोधी, कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन से 16000 वोटों से चुनाव हार गए। 

चुनाव परिणाम के बाद ही राहुल सिंह ने पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया को इस हार का कारण बताया और पार्टी के वरिष्ठ तक यह शिकायत की थी कि जयंत मलैया के भितरघात के कारण को चुनाव हारे। प्रदेश पार्टी ने मलैया को इस मामले में नोटिस दिया हालांकि 2 महीने बाद नोटिस निरस्त कर दिया गया। उसी नोटिस के लिए आज कैलाश विजयवर्गीय ने उनके समर्थकों के सामने उनसे दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगी है।