MP NEWS- पुराने मकान मालिक जरूर पढ़ें, मध्यप्रदेश आवास पुनर्विकास नीति-2022 कैबिनेट में मंजूर

Bhopal Samachar
0
भोपाल
। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया है कि आज मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश आवास पुनर्विकास नीति-2022 स्वीकृत की गई है। 

30 साल पुराने मकान और मल्टी फिर से बनाए जाएंगे

मध्यप्रदेश आवास पुनर्विकास नीति-2022 में हितग्राहियों के लिए बिना किसी शुल्क के जीर्ण-शीर्ण भवनों का नव-निर्माण प्रस्तावित है। राज्य के सभी शहर इसमें शामिल होंगे। नीति में 30 वर्ष पुरानी सार्वजनिक तथा निजी आवासीय योजनाएँ अथवा जिन आवासीय योजनाओं को जीर्ण-शीर्ण घोषित किया जा चुका हो, उनका नव-निर्माण किया जा सकेगा। अब जर्जर आवासों के स्थान पर नये और बेहतर आवास बनाये जा सकेंगे। 

मध्यप्रदेश आवास पुनर्विकास नीति-2022 में पैकेज एवं प्रस्तावित छूट

लीज होल्ड से फ्री-होल्ड करने के लिए शुल्क कोई देय नहीं होगा। पुनर्विकास के तहत ली जा रही परियोजनाओं में विकासकर्ता को मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के नियम 10 में कमजोर वर्गों के लिए (एल.आई.जी./ई.डब्लू.एस./आश्रय शुल्क/अतिरिक्त आश्रय शुल्क) जमा करने तथा नियम 13 में संपत्ति बंधक रखने अथवा बैंक गारंटी प्रस्तुत करने से छूट रहेगी।

मध्यप्रदेश आवास पुनर्विकास नीति-2022, दुकानों के लिए 7.5% क्षेत्रफल

पुनर्विकास परियोजनाओं में मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 42 सारणी 4 एवं सारणी 5 में निर्धारित एफ.ए.आर. से 50 प्रतिशत (1:0.5) अतिरिक्त एफ.ए.आर. दिया जायेगा। भू-तल कवरेज 40 प्रतिशत मान्य होगा। आवासीय परिसरों में आवश्यक दुकानों के लिए कुल एफ.ए.आर. का 5 प्रतिशत के स्थान पर 7.5 प्रतिशत क्षेत्रफल स्वीकार्य होगा।

मध्यप्रदेश आवास पुनर्विकास नीति-2022, स्टांप ड्यूटी मात्र 0.25% लगी

पुनर्विकास नीति में प्रस्तावित रिडेवलपमेंट एग्रीमेंट में विकासकर्ता अथवा क्रियान्वयन अभिकरण द्वारा विक्रय किये जाने वाली संपत्ति पर भी अनुबंध की स्टॉम्प ड्यूटी बाजार मूल्य का 5 प्रतिशत के स्थान पर 0.25 प्रतिशत लगेगी।

स्वत्व प्रमाण-पत्र मात्र ₹1000 में, लैंड यूज़ भी बदल सकते हैं

पुनर्विकास लाभार्थी-हितग्राहियों को सम्बन्धित पुनर्विकास इकाई के लिए पंजीकृत कब्जा/ स्वत्व प्रमाण-पत्र एक हजार रूपये प्रति प्रमाण-पत्र की कीमत पर दिया जायेगा। कोई रजिस्ट्री दोबारा नहीं कराना होगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली साधिकार समिति लैंड यूज बदलने का निर्णय ले सकेगी।

पुनर्विकास नीति में प्रस्तावित योजनाओं की भूमि का विकास

योजना की भूमि दो भागों में बाँट कर प्रयोग में ली जायेगी। एक भाग पर हितग्राहियों के लिए पुनर्विकसित इकाइयों का निर्माण एवं अन्य भाग का प्रतिपूरक घटक के रूप में विकासकर्ता द्वारा उपयोग किया जायेगा। योजना की भूमि को बिना बाँटे प्रयोग अर्थात योजना की भूमि पर ही पुनर्विकसित ईकाइयों एवं प्रतिपूरक घटक का निर्माण किया जा सकेगा। हितग्राहियों को योजना से स्थानांतरित कर अन्य भूमि पर पुनर्विकसित इकाइयों का निर्माण किया जायेगा। योजना को प्रतिपूरक घटक के रूप में उपयोग किया जायेगा।
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
Facebook पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

Post a Comment

0 Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!