GWALIOR MELA NEWS- पढ़िए कौन सी दुकाने लगेंगी और कौन सी नहीं, कोरोना का कितना असर

ग्वालियर
। ग्वालियर शहर में भले ही कोरोनावायरस का संक्रमण बिल्कुल ना हो परंतु ग्वालियर व्यापार मेला कोरोना पॉजिटिव हो गया है। दुकानदारों ने ग्वालियर मेले से दूरी बना ली है। यहां तक की पार्किंग वाला भी टेंडर वापस करके मेला मैदान छोड़कर जा रहा है। इसके विरुद्ध कुछ दुकानदार ऐसे हैं जो सूने पड़े मेला मैदान में भी अपना शोरूम शुरू करना चाहते हैं। कुछ दुकानदारों का कहना है कि उनकी दुकान दूसरे मेले में चल रही है। वहां से खत्म करके यहां आएंगे। 10 जनवरी से मेले में रंगत आना शुरू हो जाएगी।

कलेक्टर की कोविड-19 गाइडलाइन के कारण ग्वालियर मेला आइसोलेट

ग्वालियर व्यापार मेले में पार्किंग का ठेका लेने वाले ठेकेदार ने प्राधिकरण को दिए आवेदन पत्र में साफ कहा है कि बीते साल भी कोरोना की दस्तक के चलते व्यापार मेला बीच में ही बंद करना पड़ा था जिसके कारण उसे लाखों रुपए का नुकसान हुआ था। जिसकी जमा राशि आज तक प्राधिकरण से उसे वापस नही मिल पाई है, जबकि इस बार भी कोरोना की आशंका को देखते हुए सरकार ने एडवाइजरी जारी कर दी है। वहीं जिला कलेक्टर ने कोविड-19 की गाइड लाइन जारी की है। जिसमें भीड़ भाड़ वाली जगह पर ना जाने और मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है। मेला में भीड़ भाड़ होना लाजमी है ? ऐसे में जब कोई वाहन पार्क करने वाला आएगा ही नही तो पार्किंग ठेके से फिर से होने वाले लाखों के नुकसान को अब बर्दाश्त करना सम्भव नही है।

ग्वालियर ऑटोमोबाइल मेला तो लगेगा, मजबूरी है 

वाहन डीलरों का कहना है कि इस महीने मेला में आरटीओ छूट मिलने को लेकर शोरूम से वाहनों की बिक्री घटकर 10 प्रतिशत रह गई है। लोग मेला का इंतजार कर रहे हैं। पिछले चार दिन से तो वाहनों की बिक्री पूरी तरह ठप है। केवल वही वाहन शोरूम से उठ रहे हैं, जिन्हें शादी समारोह में उपहार स्वरूप देना हैं। वाहन डीलर मुकेश अग्रवाल का कहना है कि दुकानों का आवंटन अभी शुरू हुआ है, अब ट्रेड सर्टीफिकेट के लिए आवेदन कर दिया है। जब तक ट्रेड सर्टीफिकेट मिलेगा, तब तक मेले में शोरूम भी तैयार हो जाएगा। इसके बाद वाहन खरीद पर आरटीओ छूट मिलना शुरू हो जाएगी।

ग्वालियर मेले में इस साल पशु मेला व दंगल नहीं हुआ

इस बार मेला में पशु मेला व दंगल का आयोजन नहीं कराया गया। जबकि पशु मेला और दंगल मेला के आयोजन को लेकर प्रस्ताव तैयार कर भोपाल भेजा गया। लेकिन इनके प्रस्ताव पर कोई विचार भोपाल में अबतक नहीं किया गया। इसलिए यह माना जा रहा है कि इस बार दंगल व पशु मेला का आयाेजन नहीं होगा।