BHOPAL NEWS- रानी बंसल IAS ने कलेक्टर बनने 5 लाख की जॉब छोड़ दी थी, राष्ट्रपति ने सेवाएं समाप्त की

भोपाल
। शहर के फार्मेसी कारोबारी श्री राजेंद्र गुप्ता की बेटी रानी बंसल तीसरी बार सुर्खियों में है। RGPV की स्टूडेंट रानी बंसल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होने के लिए 5 लाख रुपए की प्राइवेट जॉब छोड़कर UPSC की परीक्षा दी थी। जब वह सफल हुई और आईएएस बनी तो पूरे भोपाल ने प्राउड फील किया था। फिर 2017 में सीबीआई ने उनसे पूछताछ की और उसके बाद रानी बंसल अपने सपनों का जॉब छोड़ कर गायब हो गई। अब राष्ट्रपति महोदय ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दी है। 

रानी बंसल आईएएस, सफलता के बाद 2017 में सुर्खियों में आई थी

रानी बंसल को लेकर सबसे पहले खबरों का बाजार साल 2017 में गर्म हुआ था। उस दौरान वो नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में पोस्टेड थीं। तब उनसे एक मामले में CBI ने पूछताछ की थी। आरोप था कि रानी के पति के दोस्त कस्टम इंस्पेक्टर परमानंद सिंघानिया ने उनके खाते में 14 लाख रुपए ट्रांसफर किया है। हालांकि पूछताछ में बंसल ने बताया था कि पहले उनके पति ने सिंघानिया को पैसे दिए थे, जिससे उन्होंने वापस किया है। 

रानी बंसल IAS, अचानक अपने कर्तव्य से लापता हो गई थी

2015 बैच की IAS रानी बंसल मई 2019 से अनुपस्थित हैं। वह देवास जिले में SDM बागली के पद पर पदस्थ थी। उन्होंने ना तो अवकाश के लिए कोई आवेदन दिया है और ना ही अपनी अनुपस्थिति के संदर्भ में किसी भी प्रकार की विभागीय औपचारिकता पूरी की है। इसके चलते सामान्य प्रशासन विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा DOPT को उनके डीम्ड रेजिग्नेशन का प्रस्ताव भेजा। उसे DOPT ने स्वीकार कर लिया है और राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा गया। अब प्रस्ताव को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली है। इस्तीफा डीम्ड रेजिग्नेशन का प्रस्ताव के दिन यानी 1 जून 2019 से माना जाएगा।

रानी बंसल ने IAS बनने के लिए 5 लाख का जॉब छोड़ दिया था

रानी बंसल भोपाल की रहने वाली हैं। उनके पिता राजेन्द्र गुप्ता फार्मेसी का व्यापार करते हैं। रानी को RGPV भोपाल से पढ़ाई के बाद 5 लाख रुपये की जॉब मिली थी। हालांकि उन्होंने उसे छोड़ UPSC की तैयरी की और देश में 46वीं रैंक हासिल की। इसके बाद मध्य प्रदेश कैडर से अधिकारी बनीं और कई जिलों में अपनी सेवाएं दीं।