कुछ खास महिलाओं के नाम के आगे सुश्री क्यों लिखा होता है- Amazing facts in Hindi

समाज में सामान्यता श्री शब्द का उपयोग पुरुषों के लिए सम्मान सूचक के रूप में किया जाता है। महिलाओं के लिए श्रीमती शब्द का उपयोग किया जाता है। यदि वह अविवाहित है तो कुमारी शब्द का उपयोग किया जाता है। लेकिन कुछ खास महिलाओं के नाम के आगे सुश्री लिखा होता है। आइए जानते हैं कि सुश्री शब्द का क्या अर्थ होता है। 

सुश्री शब्द का अर्थ क्या होता है

प्रयागराज उत्तर प्रदेश निवासी हिंदी एवं संस्कृत भाषा के लेखक नीरज लता सिंह का कहना है कि सुश्री का अर्थ है— अति शोभाशालिनी। इसका प्रयोग विवाहित अथवा अविवाहित सभी प्रकार की स्त्रियों के लिए किया जा सकता है क्योंकि शोभाशालिनी तो कोई भी स्त्री हो सकती है। जबकि प्रख्यात लेखक इंजीनियर अनिमेष कुमार सिन्हा का कहना है कि सुश्री शब्द का अर्थ होता है अति सुंदर, शोभन; अति धनी। 

संस्कृत में सुश्री कोई शब्द ही नहीं होता

संस्कृत भाषा में सुश्री शब्द का उपयोग नहीं मिलता। यह केवल हिंदी भाषा में मिलता है और बीसवीं सदी में इस शब्द की उत्पत्ति बताई जाती है। कुछ विद्वानों का कहना है कि हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक श्री सुमित्रानंदन पंत उन महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए सुश्री शब्द का प्रयोग करते थे, जिनके बारे में उन्हें विश्वास पूर्वक ज्ञात नहीं होता था कि महिला विवाहित है अथवा अविवाहित। 

बीसवीं सदी में कुछ साहित्यकार सुश्री शब्द का उपयोग उन महिलाओं को सम्मान देने के लिए किया करते थे जो या तो विधवा है या फिर अपने पति से अलग स्वतंत्र एकाकी जीवन व्यतीत कर रही हैं।