CRIME ALERT- पढ़िए इंदौर में ASI के बेटे पर रेप की FIR कराने वाली जबलपुर की लड़की का बयान

इंदौर
। जबलपुर की एक लड़की की शादी इंदौर में हुई। 2 बच्चे भी हुए। पति टूर पर रहते थे। अकेलापन दूर करने के लिए पत्नी ने एक लड़के से दोस्ती कर ली। इसके बाद जो कुछ हुआ किसी डरावनी फिल्म या वेब सीरीज से कम नहीं है।

पूरे परिवार के 10 महीने दहशत में बीते

31 दिसंबर 2021 से 31 अक्टूबर 2022 तक पूरे 10 महीने इंदौर में एक विवाहित महिला, उसके दोनों बच्चे, उसका पति यहां तक कि उसकी मां एक पुलिस अधिकारी के बेटे की दहशत में रहे। वह जब चाहे चला आता था। जो चाहे करता था। बच्चों के सामने, पति के सामने और मां के सामने भी। गहने-पैसे सब ले लिए थे। पति की कार उठाकर ले जाता था। पूरी फैमिली सुसाइड करने जा रही थी, लेकिन फिर एक रिश्तेदार ने हिम्मत दी और रेलवे ट्रैक के बजाय पति-पत्नी पुलिस थाने पहुंच गए। यहां भी FIR दर्ज कराना आसान नहीं था। पुलिस ने समझौता कराने के लिए रात 3:00 बजे तक बिठा कर रखा। पढ़िए पीड़ित विवाहित महिला का बयान:-

2021 में टेलीग्राम मोबाइल ऐप के जरिए दोस्ती हुई

पीड़ित महिला ने अपने बयान में बताया कि, ‘जबलपुर की रहने वाली हूं। शादी के बाद इंदौर आई। पति साथ ही रहते हैं लेकिन जॉब के सिलसिले में बाहर जाना पड़ता था। दो बेटे हैं, बड़ा 11 साल का, छोटा 8 साल का। मेरी जिंदगी में विकास की एंट्री जुलाई 2021 में हुई। वह किसी ग्रुप पर होने से टेलीग्राम के जरिए मुझे संपर्क में आया। तब हमारी सामान्य दोस्ती हो गई।

31 दिसंबर को न्यू ईयर सेलिब्रेशन करने घर आया

वह इंदौर के CRP लाइन में ही रहता है और पुलिस अफसर का लड़का बताता था। छह महीने तक हमारी सामान्य दोस्ती चलती रही। 31 दिसंबर 2021 दिन मेरे के लिए इतना मनहूस होगा, यह सोचा भी नहीं था। वह न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बहाने मेरे घर आ गया। तब घर में सिर्फ मेरे दोनों बेटे थे। पति ड्यूटी के सिलसिले में बाहर गए हुए थे।

दोनों बच्चों को बेहोश करके रिलेशन बनाए

वह हम तीनों के लिए केक और कोल्ड्रिंक्स लाया था। केक कटवाकर खिलाया तो दोनों बेटे तभी बेहोश हो गए। मैं भी बदहवास हो गई, कुछ देर में मैं भी बेहोश हो गई। उसने बेहोशी की हालत में मुझसे रिलेशन बनाए और VIDEO भी बना लिए। होश में आने पर मुझे एहसास हुआ तो विरोध जताया। इस पर उसने धमकाया कि VIDEO वायरल कर दिए तो कुछ नहीं बचेगा।

पति को भी धमकाता था, मेरा बाप पुलिस में है

एक बार नहीं, उसने यही धमकी कई बार दी और रिलेशन बनाता रहा। मैंने अपने पति को यह पूरी घटना बता दी। उन्होंने बात की तो उन्हें भी धमका दिया। वह कहता था कि तुम्हारे दोनों बच्चों को मार डालूंगा। मेरा कुछ नहीं होगा, मेरा बाप पुलिस में है।

इज्जत बचाने के लिए मां को जबलपुर से बुलाया

विकास की धमकियां से हम इतना डर गए थे कि मैंने अपनी मां को जबलपुर से साथ रहने के लिए इंदौर बुला लिया। पति बाहर जाते रहते थे इसलिए मुझे यह डर था कि अकेले रहने पर यह हमें कुछ भी कर सकता है।

कई मोबाइल नंबर बदले, बच्चों को जान का खतरा था

उसने मेरा घर से निकलना दुश्वार कर दिया था। घंटों तक अपार्टमेंट के नीचे ही गाड़ी लगाकर खड़ा रहता था। बाहर जाने पर पीछा करता था। मैंने कई मोबाइल नंबर बदले। इस पर वह बच्चों को मारने की धमकी देता था। इस कारण सहती रही।

मां के सामने भी गंदी हरकतें करता

उसने मेरी ज्वेलरी के साथ रुपए भी लेना शुरू कर दिए। पति बाहर जाते तो कार घर पर रहती थी। वह कभी उसे ले जाता और जब मन होता छोड़ जाता। आरोपी कार भी अपने नाम कराना चाहता था। मां के आने के बावजूद उसकी हरकतें नहीं रुकीं। वह तब भी फ्लैट पर आ जाता और गंदी हरकतें करता। 

अपार्टमेंट बदला तो वहां भी आ गया

डर के चलते करीब दो किलोमीटर दूर दूसरे अपार्टमेंट में फ्लैट ले लिया। विकास वहां भी आ धमका। जॉब पर जाती तो वहां भी बाहर आकर खड़ा हो जाता। बच्चों के पास फ्लैट पर मां को ही हर हाल में छोड़कर जाती हूं। पता नहीं कि कब उनके साथ गलत कर दे।

पति डिप्रेशन में सुसाइड करने की बात करते थे

पति को जब भी यह बातें बताईं तो वह तनाव में आ जाते थे। उन्होंने तो डिप्रेशन में यह तक कह दिया कि मैं दोनों बच्चों के साथ ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दूंगा। आखिर में उन्होंने रिश्तेदार से सलाह मशविरा किया तो उन्होंने पुलिस में हर हाल में शिकायत करने की हिम्मत बंधाई।

तिलक नगर थाने में रात 3:00 बजे तक बिठा के रखा

हम इज्जत गंवाने का डर था, फिर भी अंतत: तंग आकर तिलक नगर थाने पहुंच गए। वहां भी पुलिस ने पहली बार में कुछ नहीं सुना। हमें थाने में बैठाए रखा। जब मैंने पुलिसवाले के बेटे विकास का नाम बताया और वे मुझे ही दोषी कहने लगे। उस रात तीन बजे तक थाने में बैठाए रखा। 

वकील को बुलाया तब जाकर FIR हुई

उसका पिता भी पहुंच गया और समझौते का दबाव बनाने लगा। मेरे पति ने उनसे दो टूक कह दिया कि अब इतने तंग आ गए हैं कि विकास को सजा दिलाकर रहेंगे। पीछे नहीं हटने वाले..। अंतत: वकील के जरिए दखल कराई तब जाकर एफआईआर हो पाई।