MP NEWS- भावी शिक्षक कैसे मनाएं दिवाली, अब तो बतासे खरीदने के पैसे भी नहीं बचे

भोपाल
। पिछले 4 वर्षों से बड़े ही धीमी गति से चल रही उच्च एवं माध्यमिक स्थाई शिक्षक भर्ती आज भी अधूरी है जिस कारण वर्षों से शिक्षक बनने का सपना देख रहे शिक्षक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए इस बार की दिवाली भी फीकी रहने वाली है। स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय विभाग द्वारा चल रही शिक्षक भर्ती में अभी तक लगभग 18,000 नवनियुक्त शिक्षकों को ही नियुक्ति पत्र मिले हैं शेष अभ्यर्थी आज भी सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं। 

शिक्षक पात्रता परीक्षा संघ से रंजीत गौर,रक्षा जैन,उत्तमचंद, रविंद्र खांडेकर,मुकेश मंडलोई, रचना व्यास,आशीष,जितेन्द्र,नरेंद्र एवं अमित कुमार सहित अन्य अभ्यार्थियों ने बतलाया कि सन 2018 में स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 62,000 शिक्षक भर्ती की घोषणा की थी जिसके आधार पर ही उच्च एवं माध्यमिक शिक्षक भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 आयोजित की गई थी उसके बावजूद भी नाम मात्र की नियुक्तियां की गई हैं जिसमें भी नामों की पुनरावृत्ति देखी जा रही है। 

पदवृद्धि के साथ द्वितीय काउंसलिंग की मांगों को लेकर अधिकारियों व शिक्षा मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक ज्ञापन पत्र सौंपे गए एवं कई बार धरना प्रदर्शन भी किए गए परंतु हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है इसलिए पात्र अभ्यर्थी दीपावली के बाद पुन: प्रदेश में बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में हैं। 

पात्र अभ्यर्थियों की मांग है कि शिक्षक भर्ती की अगली काउंसलिंग में प्रथम चरण के उपेक्षित विषयों जैसे - 
माध्यमिक शिक्षक भर्ती के हिंदी,विज्ञान,सामाजिक विज्ञान व उर्दू इसी प्रकार उच्च माध्यमिक में कृषि,भूगोल,समाजशास्त्र,संस्कृत व राजनीति विज्ञान आदि बिषयों के रिक्त पदों में वृद्धि के साथ भर्ती पूर्ण की जाए साथ ही साथ चयन सूची में जो नामों की पुनरावृति की जा रही है उस पर रोक लगाई जाए। 

शिक्षक भर्ती 2018 के द्वितीय चरण में दोनों विभागों द्वारा इस बार संयुक्त काउंसलिंग की जाना है परंतु उसमें जनजाति विभाग में पहले से चयनित अभ्यर्थियों के भी डॉक्युमेंट्स अपलोड कराएं गए हैं जिससे अन्य अभ्यार्थियों का चिंतित होना स्वाभाविक है उन्होंने बार-बार मांग की है कि जो सदस्य पहले से ही नियुक्ति पत्र ले चुके हैं उनको बार-बार अवसर क्यों दिया जा रहा है परंतु शासन एवं प्रशासन का अभी तक इस विषय में कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। 

पिछले 4 वर्षों से शिक्षक भर्ती को न्याय संगत कराने की मांग करने वाले रंजीत गौर ने कहा है कि इस बार दीपावली के बाद मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।