MP NEWS- रिश्वतखोर पटवारी बर्खास्त, कोर्ट ने जेल भेजा, कलेक्टर के आदेश जारी

सतना
। कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने तत्कालीन मझगवां के पटवारी हल्का 20 पडरी और पटवारी हल्का 10 गोपालपुर के पट खोलवारी और हाल आफिस कानून गो शाखा तहसील अमरपाटन में संलग्न पटवारी जीतेन्द्र सिंह पटेल को विशेष न्यायालय सतना द्वारा दंडित किये जाने के फलस्वरुप शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। 

तत्कालीन पटवारी जीतेन्द्र सिंह पटेल को विशेष न्यायालय सतना के निर्णय 26 अगस्त 2022 के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अंतर्गत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड और धारा 13(1) डी एवं 13(2) भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 के तहत 4 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शासकीय सेवकों के मामलें में आपराधिक प्रकरण में न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध पाये जाने पर शासकीय सेवा से पदच्युत करने के स्पष्ट प्रावधान हैं। 

सतना में पटवारी जितेन्द्र सिंह पटेल: भ्रष्टाचार का आरोप एवं कोर्ट का निर्णय

जिला अभियोजन के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि मझगवां तहसील अंतर्गत ग्राम गोपालपुर निवासी लक्ष्मी प्रसाद यादव ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में 14 सितम्बर 2016 को रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने एसपी लोकायुक्त को बताया था कि पुश्तैनी जमीन के बंटवारे का प्रकरण उसके पिता ने तहसील में पेश किया है। लेकिन बंटवारे की फर्द पुल्ली बना कर पेश करने के लिए पटवारी ने उससे 10 हजार की रिश्वत मांगी है। बड़े आग्रह और आरजू मिन्नतों के बाद पटवारी 7 हजार रुपए में पुल्ली तैयार करने पर सहमत हुआ है।

लोकायुक्त ने शिकायत की तस्दीक कराई और उधर पटवारी ने 21 सितम्बर 16 को रुपए देने के लिए लक्ष्मी प्रसाद को तहसील कार्यालय मझगवां बुलाया। रिश्वत के लेन देन के वक्त ही लोकायुक्त टीम ने दबिश दे दी और रिश्वत की रकम लेते हुए आरोपी पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

₹6500 रिश्वत ली थी, नौकरी गई और जेल भी जाना पड़ा

विवेचना के बाद लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत में पेश किया। दोनों पक्षों के तर्क श्रवण और साक्ष्यों के परिशीलन के बाद अदालत ने पटवारी को पीसी एक्ट की धारा 7 और 13 के तहत दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश एके द्विवेदी ने 6500 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकडे गए पटवारी को 4 साल के कारावास की सजा से दंडित किया हैं। अदालत ने रिश्वतखोर पटवारी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन की ओर से विशेष अभियोजन अधिकारी फखरुद्दीन ने पक्ष रखा।