MP NEWS- टीआई को बिना बताए FIR दर्ज करने वाला इंस्पेक्टर ₹5000 जुर्माना से दंडित

मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर को ₹5000 जुर्माना से इसलिए दंडित किया गया है क्योंकि उसने पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में लाए बिना एक FIR दर्ज कर ली है। वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे का कहना है कि एसपी ने यह कार्रवाई इसलिए की क्योंकि मामले में आरोपी एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी है। 

सतना की मास्टर प्लान कॉलोनी में दो पड़ोसियों में लड़ाई हुई थी

सिविल लाइन थाना क्षेत्र में आने वाली मास्टर प्लान कॉलोनी में बंगला नंबर 46 में रहने वाली अदिति शर्मा उम्र 34 वर्ष ने 22 जुलाई 2022 को एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके पड़ोसी श्री राजेंद्र सिंह कपूर उम्र 61 वर्ष उनके पालतू कुत्ते को मारने के लिए दौड़े और आपत्ति करने पर उनके साथ अभद्रता की एवं जान से मारने की धमकी दी। 

टीआई ने एएसआई को मामले की जांच सौंपी थी

इस शिकायत की जांच असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर राजेंद्र मिश्रा को सौंपी गई थी। सभी पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद एएसआई राजेंद्र मिश्रा ने अपराध का घटित होना पाया और आरोपी श्री राजेंद्र सिंह कपूर के खिलाफ फरियादी महिला अदिति शर्मा की शिकायत पर आईपीसी की धारा 294, 506, 429/ 511, एवं पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत FIR दर्ज कर ली। 

टीआई की आपत्ति- मेरी मर्जी के बिना मेरे थाने में FIR कैसे दर्ज हुई

थाना प्रभारी सिविल लाइन ने एसपी आशुतोष गुप्ता को बताया कि आपराधिक प्रकरण क्रमांक 486/ 2022 उनकी जानकारी के बिना दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने ईएसआई मिश्रा को जांच करने के लिए निर्देशित किया था। एएसआई मिश्रा ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बजाए FIR दर्ज कर ली। एसपी आशुतोष गुप्ता ने इस मामले में एएसआई मिश्रा से स्पष्टीकरण मांगा। संतोषजनक नहीं होने पर दंडात्मक कार्यवाही की गई। 

अजय दुबे ने बताया- डिपार्टमेंट अपने ही अधिकारी से नाराज क्यों हो गया

मध्य प्रदेश के वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे का कहना है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने निर्देशित किया है कि इस प्रकार के मामलों में FIR दर्ज की जाए। पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता का व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ यदि इस प्रकार की कड़ी कार्रवाई की गई तो पुलिस की छवि पर नकारात्मक असर दिखाई देगा। 

उन्होंने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि आपराधिक प्रकरण का आरोपी एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी है। अजय दुबे ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से अनुरोध किया है कि वह एसपी सतना के आदेश का परीक्षण करवाएं एवं न्याय प्रिय निर्णय करें।