MP CM HELPLINE में शिकायत घोटाला, पंचायत सचिवों से करवा रहे हैं - NEWS TODAY

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्वाचन क्षेत्र बुधनी विधानसभा में सीएम हेल्पलाइन में घोटाला सामने आया है। यह घोटाला सीहोर जिले के अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायतों के सचिवों एवं रोजगार सहायकों के माध्यम से करवाया जा रहा है। पत्रकार हरे कृष्ण दुबौलिया ने इसका खुलासा किया है। 

उन्होंने दावा किया है कि सीहोर जिले के बुधनी विकासखंड क्षेत्र में जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अधिकारियों की ओर से आदेशित किया गया है कि प्रत्येक पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक 5-5 डमी शिकायत करवाएं और 24 घंटे के भीतर उनका निराकरण करें। जनपद पंचायत के कोऑर्डिनेटर इसकी मानिटरिंग कर रहे हैं। डमी शिकायतों के रिकॉर्ड मंगवाए गए हैं। दमी शिकायत नहीं करवाने वाले पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायकों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी गई है।

सीएम हेल्पलाइन में डमी शिकायत करने से किस को क्या फायदा होगा

ऐसा करने से बुधनी विधानसभा का रिकॉर्ड सबसे अच्छा हो जाएगा। और विधायक शिवराज सिंह चौहान की छवि चमकेगी। जिले के अधिकारियों को फायदा यह होगा कि लंबित शिकायतों का प्रतिशत कम दिखाई देगा। पंचायत सचिव को इसमें यह फायदा होगा कि जिस शिकायत को वह लंबे समय तक पेंडिंग रखना चाहता है उसमें अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और शिकायत को फर्जी बताते हुए फोर्स क्लोज करने की सुविधा दी मिल जाएगी।

व्हाट्सएप पर चल रही है सारी कार्रवाई

पत्रकार श्री हरे कृष्ण दुबौलिया ने दावा किया है कि उनके पास जनपद पंचायत के एक व्हाट्सएप ग्रुप का स्क्रीन शॉट भी है जिसमें समन्वय अधिकारी संतोष मांझी सभी पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायकों को डमी शिकायत करवाने की निर्देश दे रहे हैं। इसी व्हाट्सएप ग्रुप में डमी शिकायतों की विस्तृत जानकारी मांगी गई और जानकारी नहीं देने वाले पंचायत सचिवों को चेतावनी दी गई। इस व्हाट्सएप ग्रुप में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी देवेश सराठे भी जुड़े हुए हैं। 

पंचायत सचिवों को टारगेट दिया गया है कि वह सीएम हेल्पलाइन में 24 घंटे में शिकायत का समाधान होने पर 5-5 लोगों के धन्यवाद वीडियो भी भेजें।

सीएम हेल्पलाइन के आंकड़े गड़बड़ी का समर्थन कर रहे हैं

मोबाइल नंबर 8319441887 से 30 अगस्त को 4 अलग-अलग नामों से शिकायत की गई और 1 सितंबर को उनका समाधान हो गया। इसके लिए अकोला पंचायत के रोजगार सहायक प्रमोद पालीवाल की प्रशंसा की गई। आंकड़े बताते हैं कि दिनांक 23 अगस्त को सीहोर जिले में कुल शिकायतें 398 थी, और संतुष्टिपूर्वक निराकृत की संख्या 26 व लंबित की संख्या 363 थी। तब संतुष्टि सिर्फ 7.29% था। इसके बाद ताबड़तोड़ डमी शिकायतें हुई और 6 सितंबर की स्थिति में कुल शिकायतों की संख्या 938 पहुंच गई, जिसमें से संतुष्टिपूर्वक निराकृत की संख्या 429 हो गई, जबकि लंबित शिकायतों की संख्या 470 हो गई। इसके बाद जिले का संतुष्टि प्रतिशत करीब 7 गुना बढ़कर 47.65% जा पहुंचा।