Amazing Facts In Hindi- चीता पृथ्वी पर सबसे फुर्तीला है फिर विलुप्त क्यों हो रहा है

हम सभी जानते हैं कि पृथ्वी पर इंसानों को जिंदा रहने के लिए इकोसिस्टम का होना जरूरी है और इकोसिस्टम के लिए प्रत्येक पारिस्थितिक तंत्र में मौजूद सभी जीव-जंतु, पेड़-कवक-शैवाल, सूक्ष्म जीव यहाँ तक कि अजैविक घटक भी महत्वपूर्ण हैं। इसी श्रंखला में चीता भी आता है, जिसकी चिंता सारी दुनिया में हो रही है। अपन यह भी जानते हैं कि पृथ्वी पर मौजूद सभी प्राणियों में चीता सबसे फुर्तीला है यानी सारे प्राणियों की तुलना में सबसे ज्यादा फिजिकल फिट है, फिर क्या कारण है कि चीता की आबादी पृथ्वी पर तेजी से कम होती जा रही है।

सिर्फ इंसान ही नहीं दर्जनों प्रजाति के मांसाहारी जानवर भी चीता के दुश्मन है

दरअसल, चीता एक ऐसा मांसाहारी जानवर है जिसे जंगल के दूसरे मांसाहारी जानवर अपना दुश्मन मानते हैं। उसके बच्चों की हत्या कर देते हैं। कितनी अजीब बात है, चीता के द्वारा किए गए शिकार पर जंगल के दर्जनों प्रजाति के मांसाहारी जानवर पलते हैं। सरल शब्दों में कहें तो वह जीवित रहने के लिए चीता की जूठन खाते हैं। फिर भी चीता के बच्चों पर हमला करके उन्हें मार डालते हैं। रिकॉर्ड बताते हैं कि पृथ्वी पर जन्म लेने वाले 70% चीता के बच्चे अपना पहला शिकार करने से पहले ही किसी दूसरे शिकारी जानवर के हमले में मारे जाते हैं।

चीता के मामले में नामीबिया सरकार की प्रशंसा क्यों की जा रही है

IUCN (international union For Conservation of Nature) के अनुसार चीता एक असुरक्षित प्रजाति है परन्तु 25 अफ्रीकी देश के जंगलों में लगभग 12,400 चीते बचे हुए हैं, जिनमें से 2,500 चीतों के साथ नामीबिया सबसे आगे है। नामीबिया में स्थापित चीता कंजरवेशन फंड का मिशन चीता और पर्यावरण व्यवस्था पर अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट और मान्यता प्राप्त केंद्र बनाना है। 

इसलिए, नामीबिया दुनिया भर के चीतों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए हितधारकों के साथ काम कर रहा है। चीतों की संख्या को बढ़ाने के लिए दुनिया भर के चिड़ियाघरों में इन- विट्रो- फर्टिलाइजेशन (IVF:In-Vitro-Fertilization) उपयोग करके प्रजनन कार्यक्रम संपन्न कराए जा रहे हैं जिससे की चीतो की संख्या बढ़ सके।