Small business ideas- 90 प्रतिशत मार्जिन, पूंजी मात्र 15000 रुपए, कोई भी कहीं से भी कर सकता है

शिव खेड़ा ने कहा है Winners don't do different things. They do things differently. यह अमेजिंग बिजनेस आइडिया सफलता की गारंटी के साथ है और सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें प्रॉफिट मार्जिन 90% है। आपका मात्र ₹2 खर्च होगा और प्रोडक्ट की कीमत ₹20 है। 

Cotton Candy cafe for children's- amazing business idea

Cotton Candy के बारे में तो आप जानते ही होंगे। उत्तर भारत में इसे गुड़िया के बाल भी कहते हैं। यह शुगर से बनते हैं। एक कॉटन कैंडी बनाने में एक चम्मच शुगर लगती है और बाजार में ₹20 में मिलती है। बच्चे रंग बिरंगी शुगर कैंडी देखते ही मचल उठते हैं। कुछ बड़े और बूढ़े बच्चों को भी शुगर कैंडी काफी पसंद होती है। स्टॉल तो हर शहर में लगते हैं आपको कुछ अलग तरीके से करना है, एक कैफे बनाना है। 

Cotton Candy Maker machine

Cotton Candy Maker machine किसी भी ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर मिल जाएगी। इसकी कीमत ₹1500 के आसपास होती है। आपको पांच मशीन खरीदी हैं और 5 टेबल, बस आपका शुगर कैंडी कैफे तैयार हो गया। टेबल पर मशीन रख दीजिए और बच्चों को अपने हिसाब से अपने लिए शुगर कैंडी तैयार करने दीजिए। एक स्क्रीन डिस्प्ले जिसमें how to make sugar candy का वीडियो लगातार चलता रहेगा जिससे बच्चे सीख सकते हैं। बच्चों की थोड़ी हेल्प आपको भी करनी पड़ेगी। 

कितना मजेदार होगा

कितना मजेदार होगा। बच्चे अपने लिए, अपने फ्रेंड्स और फैमिली के लिए शुगर कैंडी तैयार करेंगे। जब बच्चे खुद क्रिएट करते हैं तो सब कुछ बदल जाता है। एक कैंडी के लिए ₹20 कोई भी दे सकता है। एक कैंडी बनाने में 5 मिनट लगते हैं। 5 टेबल यानी 5 मिनट में 5 कैंडी, 1 मिनट में ₹20 की बिक्री। प्रॉफिट मार्जिन बताने की जरूरत नहीं है। बिजली, शुगर और शुगर कैंडी स्टिक तीनों मिलाकर एक प्रोडक्ट पर ₹2 से ज्यादा खर्चा नहीं आएगा। ₹18 आपका मार्जिन। यदि घर पर करते हैं तो प्रॉफिट आपका, कोई दुकान किराए पर लेते हैं तब भी 50% नेट प्रॉफिट आपका। 

अब यह तो बताने की जरूरत ही नहीं है कि:- 

  • अपने शुगर कैंडी कैफे हाउस पर केवल शुगर कैंडी नहीं बिकेगी और भी बहुत सारे प्रोडक्ट बिकेंगे। उनसे भी प्रॉफिट होगा। 
  • इंटीरियर बच्चों के हिसाब से रखना है। 
  • म्यूजिक बच्चों के हिसाब का बजना चाहिए। 
  • बच्चों की हेल्प करने वाला यूनिफॉर्म में होना चाहिए। 
  • वीकेंड पर इवेंट्स होने चाहिए। 
  • बच्चों को कुछ प्राइस भी तो मिलना चाहिए।