GWALIOR चुनाव ड्यूटी से लौटे शिक्षक की मौत, मतपेटियां जमा कर लौट रहे थे

ग्वालियर।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में इलेक्शन ड्यूटी से लौट रहे शिक्षक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। रात 3 बजे घाटीगांव में पंचायत चुनाव के लिए मतदान और मतगणना कर लौटे शिक्षक ने मतपेटियां जमा कराईं। हस्तिनापुर से दोपहिया वाहन उठाकर घर के लिए निकल पड़े। उसे बच्चों से मिलने की जल्दी थी, क्योंकि 48 घंटे से भी ज्यादा समय से बाहर था। उटीला के मोड़ पर तेज रफ्तार वाहन उसे रौंदकर निकल गया। शिक्षक ने वहीं तड़पते हुए दम तोड़ दिया। 

घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को निगरानी में लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश शुरू कर दी है। ग्वालियर के हस्तिनापुर  निवासी 40 वर्षीय प्रेमनारायण पुत्र हरिकिशन जाटव शिक्षक थे। अभी वह औड़े का पुरा शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ थे। 

शनिवार को पंचायत चुनाव में प्रेम नारायण की भी ड्यूटी लगाई गई थी। उनको घाटीगांव के नयागांव में चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। जिसके लिए वह शुक्रवार सुबह से ही निकल गए थे। मतपेटियां लेकर दलों को मतदान केन्द्र के लिए रवाना किया गया था। प्रेम नारायण ने रविवार तड़के 3 से 4 बजे के बीच पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतपेटियां जमा कीं। इसके बाद वह घर के लिए निकले। चौहान प्याऊ थाटीपुर रहने वाले अपने भाई से गाड़ी मंगाई। गाड़ी लेकर वह अपने घर औड़े का पुरा के लिए रवाना हुए थे। 

उटीला इलाके में वह द्वारिकागंज मोड़ पर पहुंचे ही थे कि अभी किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें रौंद दिया। टक्कर मारने वाले वाहन ने इतनी बुरी तरह कुचला था कि शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। वह सड़क पर मृत पड़ा था और घर पर पत्नी उसके लौटने का इंतजार कर रही थी। घटना से कुछ देर पहले प्रेमनारायण ने जल्दी घर आने के लिए कहा था, लेकिन वो घर नहीं पहुंचा। सुबह उसके मौत की खबर घर पहुंची है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया है।

बताया गया है कि प्रेम नारायण के तीन बेटियां, एक बेटा था। पर दो साल पहले करीब 12 साल के बेटे की अचानक मौत हो गई थी। पत्नी, बेटियों की जिम्मेदारी उस पर ही थी। घर में वहीं अकेला कमाने वाला था। अन्य भाई अलग रहते हैं। अब उसके इस तरह जाने से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।