पुलिस थानों का हर हिस्सा सीसीटीवी में रिकॉर्ड होना चाहिए: हाई कोर्ट- GWALIOR NEWS

ग्वालियर
। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने शहर सहित जिले के 47 थाने व चौकियाें का हर क्षेत्र सीसीटीवी की निगरानी में में रखने का आदेश दिया है। थाने के अंदर व बाहर के हिस्सों को सीसीटीवी की निगरानी में रखना होगा। कैमरे 24 घंटे चालू रहना चाहिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) इस व्यवस्था को सुनिश्चित करें। कोर्ट ने एसएसपी की रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि थानों में कैमरे लगने की जानकारी तो दी है, लेकिन रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि थाने का कितना हिस्सा सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा।

24 मार्च 2022 को अंकित चौरसिया व रामेश्वर सिंह तोमर ने विनीत भदौरिया के साथ सिटी सेंटर इलाके में मारपीट की। जब वह गंभीर रूप से घायल हो गया तो अंकित व रामेश्वर उसे उठाकर महाराजपुरा थाने लेकर पहुंचे। विनीत भदौरिया के खिलाफ झूठा केस दर्ज करा दिया। विनीत भदौरिया की हालत गंभीर हो तो महाराजपुरा थाने के पास छोड़कर भाग गए। गंभीर हालत में उसे विश्वविद्यालय थाने लाया गया। उसकी हालत को देखते हुए विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज की। अंकित चौरसिया व रामेश्वर तोमर के खिलाफ केस दर्ज किया गया। अंकित व रामेश्वर ने हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की। विनीत भदौरिया की तरफ से जमानत का विरोध किया गया। विरोध में कहना था कि आरोपित काफी प्रभावशाली लोग हैं, जिन्होंने पीड़ित की हथियारों से पिटाई की थी और उन हथियारों को लाइटर बता दिया गया। पुलिस ने उनकी पूरी मदद कर दी। केस को दबाया जा रहा है। महाराजपुरा थाने में भी फर्जी केस दर्ज करा दिया।

हाई कोर्ट ने महाराजपुरा थाने के सीसीटीवी फुटेज तलब किए थे, लेकिन पुलिस की तरफ से बताया गया कि थाने में सीसीटीवी नहीं लगे। इसको लेकर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की थी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित सांघी को भी तलब किया था। कोर्ट ने कहा कि नवंबर 2021 में थानों में कैमरे लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन कैमरे नहीं लगाए। कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि 21 जून तक कैमरे नहीं लगते हैं तो डीजीपी व एसएसपी के खिलाफ अवमानना का केस चलाया जाएगा। 

23 जून को यह केस लिस्ट करने के आदेश दिए। जब केस लिस्ट किया गया तो एसएसपी ने बताया कि कैमरे लगा दिए गए। पीटी जेड कैमरे लगाए गए हैं। कैमरे लगाने के बाद टेलीकम्युनिकेशन कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड के महाप्रबंधक सीके सिंह को रिपोर्ट भेजी है, लेकिन रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि थाने का कितना हिस्सा कैमरे की नजर में रहेगा। इसको लेकर कोर्ट ने चेतावनी दी कि अंदर से लेकर बाहर तक का हिस्सा कैमरे की नजर में रहना चाहिए।