BHOPAL NEWS- टीचर ने 6वीं की छात्रा का अपहरण कर करंट लगाया, कर्ज चुकाने बेचने की तैयारी थी

भोपाल। 
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरसिया में एक योगा टीचर ने साथी के साथ मिलकर 12 साल की बच्ची को अगवा करलिया। दोनों बच्ची के मोहल्ले में ही रहते हैं। आरोपियों ने बच्ची को करंट भी लगाया। हालत बिगड़ने के बाद बच्ची को बोरे में भरकर बंधक बना कर रखा। गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस हरकत में आई। 10 घंटे में बच्ची को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने बताया कि उन पर कर्ज हो गया था। ऐसे में बच्ची को बेचकर कर्ज चुकाने की साजिश रची थी।

पुलिस के मुताबिक शांतिकुंज में रहने वाली 12 साल की बच्ची 6वीं की छात्रा है। उसके पिता टीचर हैं। बुधवार शाम करीब 6 बजे उसकी मां टेलर की दुकान गई थी। इसी बीच बच्ची भी मां के पीछे-पीछे जाने लगी। इसी दौरान घर के सामने खड़ा योगा टीचर नर्मदा प्रसाद जाटव (24) ने बच्ची को अपने घर में खींच लिया। इसके बाद ग्रीन मैट से उसके हाथ-पैर बांध दिए। मुंह को कपड़े से बांध दिया। इसके बाद आरोपी रिश्तेदार राजकुमार जाटव को बुला लिया। दोनों ने लड़की को बेहोशी का इंजेक्शन दिया।

लड़की के बेहोश होने के बाद उसे बोरे में भरकर बाइक से दोनों करीब एक किलोमीटर दूर पंडित दीनदयाल कॉलोनी स्थित रिश्तेदार के मकान पर लेकर पहुंचे। यहां बच्ची को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद उसे करंट के झटके दिए। थोड़ी देर बाद दोनों ने कमरे में बाहर से ताला लगा दिया। शाम करीब सात बजे तक जब बेटी नहीं आई, तो परिवारवालों ने तलाश शुरू की। इसके बाद रात करीब नौ बजे पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस भी तुरंत हरकत में आ गई। गुरुवार तड़के करीब चार बजे बच्ची को पुलिस ने राजकुमार जाटव के घर से बरामद किया।

एसपी देहात किरणलता केरकट्‌टा ने बताया कि पुलिस ने बच्ची के बारे में इलाके में पूछताछ की। इस बीच मुख्य आरोपी नर्मदा के घर के पास रहने वाली एक महिला ने बताया कि टीचर के घर से बच्ची के चीखने की आवाज आ रही थी। इसी बीच, पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले। इसमें दोनों आरोपी बाइक से जाते दिखे। दोनों बीच में बोरी में कुछ सामान रखे थे। शक के आधार पर पुलिस ने नर्मदा से पूछताछ की, तो उसने बताया कि सब्जी खरीदने गया था। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने गुनाह कबूल कर लिया। बताया कि रिश्तेदार के घर में बच्ची है।

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने नर्मदा का मकान ढहा दिया। वह अतिक्रमण कर बनाया गया था। आरोपी लड़के के आने-जाने पर दो तीन दिन से नजर रख रहा था। बुधवार को जैसे ही बच्ची अकेली जाते दिखी, तभी आरोपी ने उसे घर में खींच लिया।