अनन्या अवस्थी- घर में सब सुविधाएं फिर भी संघर्ष को चुना, दूसरी बार UPSC

Bhopal Samachar
0

REAL INSPIRATIONAL STORY for STUDENTS

यदि किसी के पास सुविधाएं नहीं है और लक्ष्य निर्धारित हो गया है तो संघर्ष उसकी आदत बन जाता है परंतु जिन लोगों के पास सभी सुविधाएं हो, वह संघर्ष को चुने, यह अपने आप में एकदम अलग और चुनौतीपूर्ण होता है। 

इंदौर की अनन्या अवस्थी की कहानी बिल्कुल ऐसी ही है। पिता आशुतोष अवस्थी रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर है। घर में किसी बात की कोई प्रॉब्लम नहीं है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से LLB की डिग्री हासिल की है। अपने आप में यह उपलब्धि काफी है। हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करके एक सफल एडवोकेट आसानी से बन सकती थी। बाद में हाई कोर्ट जज भी बन जाती। पिता का अपना नाम है। वकालत में उनके संबंधों का फायदा मिलता है, लेकिन अनन्या ने अपने लिए कुछ और ही डिसाइड करके रखा था। 

1 साल का गैप दिया और दिल्ली जाकर UPSC की तैयारी शुरू की। पहली कोशिश में चयनित भी हो गई। भारतीय रेल सेवा में काम करने का मौका मिला, लेकिन अनन्या भारतीय प्रशासनिक सेवा में काम करना चाहती थी। यहां भी विकल्प था। चाहती तो इंडियन रेलवे सर्विसेज ड्रॉप करके तैयारी करती परंतु अनन्या ने भारतीय रेल सेवा ज्वाइन किया। 

भारतीय रेल प्रबंधन संस्थान लखनऊ में ट्रेनिंग के साथ UPSC की तैयारी भी करती रही। इस बार रैंक में सुधार हो गया। अब अपनी अनन्या अवस्थी लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी में ट्रेनिंग के लिए जाएगी, लौट कर आएगी। कलेक्टर बनेगी। वह खुश है क्योंकि उसका सपना पूरा हो गया। बाकी सब खुश हैं, क्योंकि उसका सपना पूरा हो गया। यह संघर्ष अनन्या ने खुद अपने लिए चुना था, यह सफलता उसकी अपनी है।
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
Facebook पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

Post a Comment

0 Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!