बार-बार पोम-पोम, हॉर्न बजाने पर भी चालान कटता है- जानिए MV Act,1988

Motor vehicle act 1988 section 194 

कुछ लोग ट्रैफिक में फस जाने पर तनाव की स्थिति में बार-बार हॉर्न बजाते हैं। कुछ अपनी ओर लोगों का ध्यान खींचने के लिए हॉर्न बजाते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं जो खास किस्म का हॉर्न लगाते हैं, जिसमें से अजीब तरह की आवाज निकलती है और कभी-कभी लो विचलित कर देती है। ऐसे लोगों को शायद मालूम नहीं होता कि बार-बार पॉम-पॉम मात्र करने से भी चालान काटा जा सकता है। 

मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 194 (च) की परिभाषा

जो कोई व्यक्ति मोटर यान चलाते समय 
• सुरक्षा सुरक्षित करते समय आवश्यक रूप से निरंतर हॉर्न बजाता हैं या हॉर्न को आवशकता से अधिक सार्वजनिक सड़क पर बजाता हैं।
• किसी ऐसे स्थान पर जानबूझकर कर बार-बार हॉर्न बजाता हैं जहाँ पर ध्वनि प्रदूषण फैलाना निषेध हैं।
• या मोटर वाहन से काट-आउट कंरने के लिए साइलेंसर के अलावा अन्य किसी भी प्रकार की गैस को निकलेगा।
तब ऐसा करने वाले व्यक्ति पर एक हजार रुपए जुर्माना लगाया जा सकता है अगर यही अपराध वह दोबारा करता है या बार-बार करता है तब उस पर दो हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।

यदि कोई व्यक्ति विशेष प्रकार की आवाज निकालने वाला हॉर्न बजाता है। तब उसके हॉर्न को जब कर लिया जाता है। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ ध्वनि प्रदूषण फैलाने की कार्रवाई भी हो सकती है। मोटर व्हीकल एक्ट और ध्वनि प्रदूषण की कार्रवाई एक साथ की जा सकती है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
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