GUNA SP मिश्रा हेडक्वार्टर अटैच, शिकारियों के सरेंडर के बाद हुई कार्रवाई

भोपाल।
गुना जिले में शिकारियों के साथ हुई मुठभेड़ में 3 पुलिस कर्मचारियों की शहादत और शिकारियों के एनकाउंटर के बाद गुना जिले के एसपी राजीव कुमार मिश्रा को हटा दिया गया है। उन्हें सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर हेडक्वार्टर बुलाया गया है। उल्लेखनीय है कि आज गुना कांड के दो फरार आरोपी पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट में सरेंडर हो गए।

शिकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच मुठभेड़ में आरोपी विक्की उर्फ दिलशाद और गुल्लू शुरू से ही फरार चल रहे थे। बताया जा रहा है कि इन दोनों आरोपियों ने ही पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी। जिनकी तलाश में कई पुलिस टीमें लगी हुईं थी। इस मामले में आरोपियों के अंदर पुलिस का खौफ इतना बढ़ गया है कि वो एनकाउंटर की डर से सीधे कोर्ट की शरण में पहुंच गए।

उल्लेखनीय है कि गुना कांड को लेकर मध्यप्रदेश में काफी तनाव की स्थिति बनी रही। एक तरफ सरकार पर कड़ी कार्रवाई का दबाव था, दूसरी तरफ शिकारियों के एनकाउंटर पर सवाल उठाए जा रहे थे। बुलडोजर के बाद एनकाउंटर के कारण आरोप लग रहे थे कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव जीतने के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली को कॉपी कर रहे हैं। 

पुलिस कर्मचारियों की हत्या करने वाले शिकारियों का पोलिटिकल कनेक्शन भी सामने आया था। शुरुआत में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अमित शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को शिकारियों का संरक्षक बताया था परंतु बाद में पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया के साथ शिकारियों के मजबूत कनेक्शन सामने आए। 

यह भी आरोप लगा कि महेंद्र सिंह सिसौदिया की पार्टियों में काले हिरन और मोर का मांस परोसा जाता है। मारे गए शिकारी सिसौदिया की फार्म हाउस पार्टियों के लिए काले हिरण और मोर का शिकार किया करते थे। सिसौदिया ने इन आरोपों का खंडन नहीं किया।