JABALPUR NEWS - 30 बच्चों की जान पर बन आई, एल्गिन हॉस्पिटल SNCU में ऑक्सीजन लीक करने की साजिश

जबलपुर।
मध्य प्रदेश में जबलपुर जिले के सबसे बड़े महिला जिला चिकित्सालय (एल्गिन) अस्पताल के SNCU में भर्ती मासूमों की जान से खिलवाड़ करने का बड़ा मामला सामने आया है। यहां जानबूझकर ऑक्सीजन सप्लाई के नट को ढीला कर दिया गया था। इसकी वजह से मासूमों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पा रहा था। वो तो समय रहते वार्ड में देखभाल करने वाली पैरामेडिकल स्टॉफ ने ये गड़बड़ी पकड़ ली। अब साजिश रचने वाले चेहरे की तलाश चल रही है।

एल्गिन अस्पताल के एसएनसीयू में 30 बेड की क्षमता है। सभी पर ऑक्सीजन की सप्लाई सीधे पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन यूनिट से होती है। औसतन 10-12 बच्चों को ऑक्सीजन पर रखना पड़ता है। सोमवार की रात यहां भर्ती बच्चों को सांस लेने में कठिनाई हुई। कई बच्चों को एक साथ बेचैन देख वहां मौजूद नर्सों ने देखा तो ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा बच्चों को नहीं मिल रही थी। वे इसका पता लगाने ऑक्सीजन यूनिट पहुंची। वहां देखा कि ऑक्सीजन पाइप का नट ढीला है और उससे ऑक्सीजन लीक हो रहा था। तकनीकी एक्सपर्ट को बुलाकर इसे ठीक कराया गया।

ऑक्सीजन यूनिट में इस तरह की चूक का सवाल ही नहीं उठता। ये कृत्य जानबूझ कर किया गया है। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। क्षेत्रीय उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. संजय मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। एल्गिन अस्पताल प्रबंधन प्रकरण में पुलिस शिकायत भी करने की कवायद में जुटा है।

ऑक्सीजन यूनिट की देखरेख की जिम्मेदारी आउटसोर्सेज कर दिया गया है। यहां ठेके पर कर्मी रखे गए हैं। मौजूदा समय में ठेकेदार और आउसोर्स कर्मियों के बीच विवाद चल रहा है। दो दिन पहले आउटसोर्स कर्मियाें ने हंगामा किया था। इसके बाद ये प्रकरण सामने आया है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि ठेकेदार से खुन्नस में किसी आउटसोर्स कर्मियों ने इस तरह की हरकत की होगी। हालांकि अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके खरे ने ऑक्सीजन स्टोर और सप्लाई का जायजा लिया। टेक्नीशियन से चर्चा के बाद यहां की मॉनीटरिंग विशेषतौर पर करने को निर्देशित किया। उन्होंने चिकित्सकों के साथ बैठक में कहा कि हर वार्ड की कड़ी मॉनीटरिंग की जाए। संदिग्ध व्यक्ति दिखते ही प्रबंधन के साथ पुलिस को इसकी सूचना दी जाए। इस मामले की जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन एफआईआर दर्ज कराएगी। वहीं ऑक्सीजन सप्लाई यूनिट में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है।

प्री-मैच्योर बच्चों को यहां रखते हैं। इसके अलावा कम वजन वाले बच्चे, पीलिया से पीड़ित बच्चे, दूध न पीने वाले या अन्य किसी जन्मजात बीमारी से संक्रमित, कूपोषित या एनीमिया से पीड़ित बच्चे को यहां रखा जाता है। इनकी देखभाल के लिए कुशल नर्सों की ड्यूटी लगाई जाती है। इन नर्सों को बच्चों की देखभाल के अलावा डिजास्टर मैनेजमेंट की भी ट्रेनिंग दी जाती है। जिससे आपात स्थित में ये बच्चों की जान बचा पाएं। क्षेत्रीय उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. संजय मिश्रा के मुताबिक ये प्रकरण काफी गंभीर है। हम इसकी तह तक जाएंगी। दोषी को बेनकाब कर सख्त कार्रवाई करेंगे। जबलपुर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया JABALPUR NEWS पर क्लिक करें.