80 हजार शिक्षकों की क्रमोन्नति नोटशीट 3 साल से मंत्रालय में घूम रही है - MP Shiksha Vibhag ke samachar

Bhopal Samachar
0
भोपाल।
लंबा संघर्ष करके मध्यप्रदेश के 80 हजार अध्यापक, नवीन संवर्ग में शिक्षक तो बन गए परंतु उनकी क्रमोन्नति की नोट शीट वरिष्ठ अधिकारियों के लिए फुटबॉल बन गई है। मंत्रालय से लेकर सचिवालय तक पिछले 3 साल से हर अधिकारी उसे अगले अधिकारी की तरफ पास कर रहा है। 

सामान्य प्रशासन विभाग के नियम अनुसार किसी भी कर्मचारी को नियोक्ता (नियुक्त करने वाला अधिकारी) ही क्रमोन्नति या समयमान वेतनमान का लाभ दे सकता है। यह व्यवस्था सभी विभागों में लागू है पर वर्ष 2014 में स्कूल शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने क्रमोन्नति को लेकर होने वाली कानूनी झंझट से बचने के लिए अपने अधिकार कनिष्ठ अधिकारियों को सौंप दिए थे। यही निर्णय आज 80 हजार शिक्षकों को भारी पड़ रहा है। 

वर्तमान अधिकारी भी चाहते हैं कि वर्ष 2014 की ही व्यवस्था लागू रहे और शासन इसके लिए तैयार नहीं है। इसी मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए तीन साल से नोटशीट घूम रही है। स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार की प्रशासकीय मंजूरी के बाद नोटशीट करीब दो माह पहले फिर से वित्त विभाग को भेजी गई है, जो अभी नहीं लौटी है। उल्लेखनीय है कि शिक्षकों को 12, 24 और 30 साल में क्रमोन्नति दी जाती है। वर्ष 2006 में नियुक्त शिक्षक वर्ष 2018 में पहली क्रमोन्नति के लिए पात्र हो चुके हैं। 

पढ़िए अधिकारियों ने कैसे पल्ला झाड़ा 

स्कूल शिक्षा विभाग में पुराने संवर्ग के व्याख्याता की नियुक्ति आयुक्त लोक शिक्षण, उच्च श्रेणी शिक्षक की संभागीय संयुक्त संचालक व सहायक शिक्षक की जिला शिक्षा अधिकारी ने की है। यही फार्मूला क्रमोन्नति पर लागू होता है, पर अधिकारियों ने वर्ष 2014 में इस व्यवस्था को ही पलट दिया।

आयुक्त ने अपने अधिकार संभागीय संयुक्त संचालक और संभागीय संयुक्त संचालक ने जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दिए। यानी नियुक्ति भले ही आयुक्त ने की हो, पर व्याख्याता संवर्ग को अन्य लाभ देने की जिम्मेदारी संभागीय संयुक्त संचालक निभाएंगे और उच्च श्रेणी शिक्षक व सहायक शिक्षक की नियुक्ति की जिला शिक्षा अधिकारी।

जनजातीय कार्य विभाग में कोई टंटा नहीं

करीब 55 हजार शिक्षकों की नियुक्त जनजातीय कार्य विभाग में भी हुई है, पर वहां ऐसी स्थिति नहीं है। इसलिए नियोक्ता कर्मचारियों को तय समय पर क्रमोन्न्ति का लाभ दे चुके हैं। कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया karmchari news पर क्लिक करें.
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
Facebook पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

Post a Comment

0 Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!