MP TET VARG 3 टॉपिक- अधिगम के लिए आकलन और अधिगम का आकलन में अंतर

Difference between Assessment for Learning and Assessment Of Learning

अधिगम का अर्थ है ,सीखना (Learning) और सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है, यानी यह भी विकास की ही तरह जन्म से मृत्यु तक चलती ही रहती है। यानी बच्चा अपनी मां के गर्भ से बाहर आते ही सीखना शुरू कर देता है और जीवन पर्यंत सीखता ही रहता है। इस सीखने की प्रक्रिया में उसकी मां, परिवार, पास -पड़ोस, समाज ,विद्यालय, मित्र सभी का अपना महत्वपूर्ण योगदान होता है। 

बच्चों के अधिगम की प्रक्रिया में विद्यालय का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है, जहां पर बच्चे नियंत्रित एवं व्यवस्थित वातावरण में अपने सहपाठी मित्रों के साथ अधिगम करते हैं। इस सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का लगातार मूल्यांकन भी होना चाहिए, इसलिए समय-समय पर विभिन्न प्रकार के टेस्ट, परीक्षाएं आयोजित की जा सकती की जाती है (Assesment या आकलन) किया जाता है एवं कुछ सीमाएं निर्धारित कर दी जाती हैं जैसे- पास, फैल या मेरिट (measurement या मापन) जिसे सम्मिलित रूप से सतत और समग्र मूल्यांकन (CCE) कहा जाता है। 

अधिगम के लिए आकलन और अधिगम का आकलन मूल्यांकन प्रक्रिया के ही एक चरण है जिसमें बीच-बीच में पता लगाया जाता है कि कितनी लर्निंग हुई है और कितनी अभी होनी बाकी है। 

अधिगम के लिए आकलन / Assessment for Learning

यह अधिगम की वह प्रक्रिया है जिसमें सिखाने के समय ही बच्चों का आकलन किया जाता है। उससे तरह-तरह के सवाल पूछे जाते हैं। जैसे छोटे बच्चों की बुक्स में दिया होता है, हमने सीखा!! इसे देने का उद्देश्य यही होता है कि किसी चीज को पढ़कर या समझकर बच्चा क्या सीखा, यही अधिगम के लिए आकलन है। यानी यह एक फीडबैक की तरह है की अभी अधिगम की प्रक्रिया में क्या-क्या सुधार करने की जरूरत है। यह बच्चों से ज्यादा शिक्षक के लिए महत्वपूर्ण है और इसके द्वारा बच्चों में उत्सुकता बनी रहती है कि अभी हमसे पूछा जाएगा कि हमने क्या क्या-क्या सीखा?  इसमें सुधार किया जा सकता है। 

अधिगम का आंकलन / Assessment of LearningLearning

यह अधिगम की वह प्रक्रिया है जिसमें यह पता लगाया जाता है कि अधिगम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चों ने क्या-क्या सीखा, वह कहां तक पहुंचे? 
सामान्यता वार्षिक परीक्षा इसी का हिस्सा है। इसे योगात्मक आकलंन भी कहा जाता है जो की जजमेंटल होता है। 

अधिगम के रूप में आकलन और अधिगम में आकलन / Assessment as Learning and Assessment in Learning
नई शिक्षा नीति (New Education Policy) के अनुसार अधिगम के रूप में आकलन (Assessment As Learning) और अधिगम में आकलन (Assessment in Learning) का भी उपयोग किया जाता है। 

यह टीचिंग- लर्निंग की एक नई अप्रोच है जिसमें बच्चों को खुद करके सीखने का मौका दिया जाता है। जैसे अधिगम के रूप में आकलन के अंतर्गत बच्चों को छोटी-छोटी जिम्मेदारियां दी जाती हैं, जिससे कि उन्हें लगे कि वे भी कुछ कर सकते हैं और टीचर का काम सिर्फ फैसिलिटेटर का होता है। जबकि अधिगम में आकलन के अंतर्गत बच्चों को करके सीखने के मौके दिए जाते हैं, जैसे उन्हें अंकुरण के बारे में बताया और फिर उनसे उसी से संबंधित बीजों को अंकुरित करके लाने के लिए कहा गया। इससे जब वह खुद करके सीखते हैं तो उनको पता चलता है कि उन्होंने कितना सीखा और क्या अभी कितना सीखना बाकी है।
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