BU BHOPAL के कारण लाखों स्टूडेंट्स की मार्कशीट डिजिटल नहीं हुई

भोपाल।
Barkatullah Vishwavidyalaya, Bhopal के मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप तो आए दिन लगता रहता है लेकिन इस हद तक लापरवाही की जाएगी, कोई कल्पना नहीं कर सकता। बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने 2017 से शुरू हुई नेशनल एकेडमी डिपॉजिटरी योजना पर अभी तक काम शुरू नहीं किया है। जबकि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय नोडल ऑफिस है। DAVV सहित कई विश्वविद्यालय BU BHOPAL पर डिपेंड है। 

नेशनल एकेडमी डिपॉजिटरी योजना क्या है

भारत सरकार ने सन 2017 में इस योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य है कि भारत के सभी विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों का डाटा डिजिटल कर दिया जाए। ओरिजिनल मार्कशीट के गुम जाने और चोरी होने की सभी संभावनाएं खत्म कर दी जाए। क्योंकि दस्तावेज सत्यापन NAD के माध्यम से हो जाएगा। 

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आदेश के अनुसार सन 2017 से लेकर अब तक के सभी विद्यार्थियों का डाटा डिजिटल किया जाना है। उनकी मार्कशीट को डिजी लॉकर में सेव करना है। इस काम के लिए बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय को नोडल ऑफिसर बनाया गया है। आश्चर्यजनक बात यह है कि फरवरी 2022 तक नोडल ऑफिस की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। सभी विश्वविद्यालय वाले इंतजार कर रहे हैं। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.