पूड़ी-पापड़ तेल में क्यों तले जाते हैं, पानी में क्यों नहीं, पढ़िए मजेदार जानकारी- GK in Hindi

पूड़ी और पापड़ लगभग हर भारतीय परिवार में बनाए जाते हैं। पूड़ी-पापड़ को तलने के लिए तेल का उपयोग किया जाता है। सवाल यह है कि जब तेल और पानी दोनों ही तरल (लिक्विड) हैं, तो फिर पूड़ी-पापड़ को पकाने के लिए तेल का उपयोग क्यों किया जाता है पानी का क्यों नहीं। आइए पता लगाते हैं:- 

बॉयलिंग पॉइंट क्या होता है- अपने जवाब तक पहुंचने के लिए जानना होगा

Boiling Point को फिजिक्स की लैंग्वेज में क्वथनांक कहा जाता है। लिक्विड यानी तरल पदार्थों के मामले में इसका बड़ा महत्व होता है। पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी द्रव्य पदार्थों का अपना बॉयलिंग पॉइंट होता है। इसका तात्पर्य होता है वह तापमान जिस पर लिक्विड अर्थात द्रव्य पदार्थ उबलने लगे। यानी उसका वाष्पीकरण शुरू हो जाए। 

पूड़ी-पापड़ पानी में क्यों नहीं पकाए जाते

पूरी अथवा पापड़ को तलने के लिए 150 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान की जरूरत होती है जबकि पानी का बॉयलिंग प्वाइंट। केवल 100 डिग्री सेल्सियस होता है। यदि हम पानी में पापड़ अथवा पूरी को डाल देंगे तो वह कच्चे रह जाएंगे और पूरे पानी का वाष्पीकरण हो जाएगा। यदि पानी की मात्रा बढ़ा देंगे तब भीपूड़ी-पापड़ उबलकर खराब हो जाएंगे लेकिन पक नहीं पाएंगे। खाद्य तेल का बॉयलिंग प्वाइंट 350 डिग्री सेल्सियस तक होता है। इसलिए उसमें आसानी से पूड़ी-पापड़ को पकाया जा सकता है। 

आपने ध्यान दिया होगा यदि तेल ज्यादा गर्म हो जाता है तो पूड़ी-पापड़ को पकने के लिए नहीं डालते, तेल का तापमान कम होने का इंतजार करते हैं। (इसी प्रकार की मजेदार जानकारियों के लिए जनरल नॉलेज पर क्लिक करें) Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi,  general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com


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