खंडवा में शिक्षकों की क्रमोन्नति पर लगी रोक हटाने हेतु रैली- MP karmchari news

खंडवा
। प्रदेश स्तर पर सरकार द्वारा लम्बे समय से राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग में आये शिक्षकों को 12 वर्ष की सेवा अवधि के बाद मिलने वाली क्रमोन्नति प्रदान नहीं की जा रही है। राज्य शिक्षा संवर्ग में नियुक्त शिक्षकों के लिए पूर्वअध्यापक संवर्ग में सेवा के 10 वर्ष ही गणना में लिए जाने के कारण प्रदेश स्तर के अधिकारी गण एक दूसरे के पाले में लगभग 2 से 3 वर्षों से फाइल शेयरिंग कर रहे है। 

प्रदेश के कई जिलों के अधिकारी क्रमोन्नति के आदेश प्रसारित कर चुके थे । किंतु पूर्व आयुक्त महोदया के अनुसार इन आदेशों पर रोक लगा दी गई और सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति से आदेश जारी होने का हवाला देकर आदेश स्थगित कर दिये गए । जिससे कई जिलों में क्रमोन्नति के बाद बड़े वेतनमान की रिकवरी भी की गई है जो कि अन्याय पूर्ण है । जिससे प्रदेश स्तर के हजारों शिक्षकों का आर्थिक नुकसान हो रहा है । अतः प्रदेश के 2006, 2007, 2008,2009 में नियुक्त हजारों शिक्षक लम्बे समय से कर्ममोन्नति से वंचित है । जिसकी ओर से शासन आंख बन्द किये हुए है । 

अतः क्रमोन्नति से पीड़ित सभी शिक्षक प्रदेश स्तर पर क्रमोन्नति संघर्ष समति के तत्वाधान में आज दिनाँक 3/12/21 को खंडवा जिला मुख्यालय पर रैली टैगोर पार्क खंडवा से सायं 4 : 30 बजे निकाली गई । जिसमें शिक्षकों की क्रमोन्नति समस्या का ज्ञापन श्री अशोक कुमार जाधव संयुक्त कलेक्टर खंडवा को प्रदेश के महामहिम राज्यपाल महोदयजी , माननीय मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया । 

इस अवसर पर क्रमोन्नति संघर्ष समिति के अर्जुन यादव, राजेश थापक, मोहन सिंह तंवर, महेंद्र सिंह मंडलोई, कृष्ण तावड़ेकर, नितिन बकोरिया,जयेश श्रीमाली, सत्येन्द्र सिसोदिया, विशाल बैस, माणकचन्द अटुदे, सुरेश नीरज, गौरीशंकर भोरगा,बबलू धोपे, संदीप खरे,श्याम मालवीय, सचिन राजौरिया, नारायण मुकाती, चंद्रकांत बिल्लोरे, हुसैन सर,दीपक कलम, इदरीस खान, संगीता एकले, मोनिका गीते, रिंकु चौहान, प्रीति शर्मा, ईश्वर तोमर, काशीप्रसाद, शैलेन्द्र सायमन, संतोष बंसल ,और सैकड़ों पुरुष/ महिला शिक्षकाओं ने इस रैली में उपस्थित होकर अपने हक की आवाज में आवाज मिलाकर सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाने में अपना अमूल्य योगदान दिया। मध्यप्रदेश कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया MP karmchari news पर क्या करें.