कालीचरण महाराज कौन है, राजनीति से उनका क्या रिश्ता है, पढ़िए - INDORE NEWS

इंदौर
। कालीचरण महाराज पिछले साल शिव तांडव स्त्रोत के लिए देशभर में वायरल हुए थे और इस साल महात्मा गांधी पर विवादित टिप्पणी के लिए ट्रोल हो रहे हैं। आइए जानते हैं कि कालीचरण महाराज कौन है। इंदौर में कहां से आए। राजनीति से इनका क्या रिश्ता है। 

बताया जा रहा है कि कालीचरण महाराज मूल रूप से अकोला महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। वह राजनीति में काफी सक्रिय थे। पार्षद पद के लिए चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गए थे। अकोला में विवादित बयान के लिए पहले भी चर्चा में रह चुके हैं। सन 2005 में दत्त जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में पहली बार इंदौर आए थे। यहां भैय्यूजी महाराज के संपर्क में आए। फिर भय्यूजी महाराज के खामगांव स्थित आश्रम का मैनेजमेंट देखने लगे और इंदौर में बस गए। 

कालीचरण महाराज फिजिकल फिटनेस के प्रति काफी सेंसेटिव हैं। हर रोज 4 घंटे कसरत करते हैं। लंबे बाल और कद काठी के कारण आसानी से लोकप्रिय हो गए। 2015 में इंदौर शहर में कालीचरण महाराज की सक्रियता काफी बढ़ गई थी। भय्यूजी महाराज के अलावा उनकी अपनी एक पहचान बनती जा रही थी। महाराष्ट्र से होने के कारण इंदौर में रहने वाले महाराष्ट्रीयन के बीच कालीचरण महाराज काफी लोकप्रिय हो गए थे। 

भेरुजी महाराज के निधन के बाद उन्होंने ओम सेवा काली ट्रस्ट की स्थापना की। बाणगंगा में हरिहरण महाराज के आश्रम पर करीब तीन साल तक रहे। 2020 में शिव तांडव स्त्रोत वाला वीडियो वायरल होने के बाद कालीचरण महाराज पूरे देश में प्रसिद्ध हो गए। इसी के चलते देश भर में उन्हें आमंत्रित किया जाने लगा। रायपुर की धर्म संसद में महात्मा गांधी के प्रति बयान देकर विवादित हो गए हैं। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.


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