पाइप फूटने पर पानी ऊपर क्यों आता है जमीन के नीचे क्यों नहीं जाता- GK in Hindi

वाटर सप्लाई की पाइप लाइन भारत के हर शहर में है। यह हमेशा जमीन के नीचे होती है। आपने अक्सर देखा होगा जैसे ही नगर निगम की वाटर सप्लाई वाली पाइप लाइन फूट जाती है, तो उसके अंदर का पानी एक फव्वारे की तरह जमीन के ऊपर की तरफ निकलता है। जबकि यदि आप किसी सूखी जमीन पर पानी डाल देते हैं तो वह जमीन के अंदर समा जाता है। सवाल यह है कि सप्लाई लाइन का पानी ऊपर क्यों उछलता है। जमीन के नीचे क्यों नहीं चला जाता। 

दरअसल इसके पीछे साइंस नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी काम करती है। हमको वाटर सप्लाई लाइन के पाइप के बजाय वाटर सप्लाई की प्रोसेस पर फोकस करना होगा। वाटर सप्लाई करने के लिए वाटर टैंक जमीन से लगभग 50 फीट की ऊंचाई पर बनाए जाते हैं। जब उनसे पानी की सप्लाई की जाती है तो उसमें वाटर टैंक की ऊंचाई के कारण एक नेचुरल प्रेशर बन जाता है। पाइप लाइन के अंदर पानी तेज गति से दौड़ता है। 

इसी प्रकार किसी बांध या जल स्रोत से जब पानी को सप्लाई किया जाता है तो उसमें प्रेशर बनाने के लिए एक मोटर लगा दी जाती है। जैसे की हम घर में टिल्लू पंप लगाते हैं। इस मोटर के कारण प्रेशर बन जाता है। पानी हाई स्पीड से पाइप के अंदर दौड़ लगाता है। ऐसी स्थिति में यदि पाइप लाइन फूट जाती है तो पानी उस दिशा में बाहर की तरफ भागता है जहां जमीन कमजोर होती है। 

पाइप लाइन को गड्ढा करके बिछाया जाता है। उसके ऊपर की मिट्टी पाइप लाइन के नीचे की जमीन की तुलना में ज्यादा कमजोर होती है। इसलिए पानी ऊपर की तरफ बाहर निकलने का रास्ता बनाता है और क्योंकि वह पाइपलाइन के भीतर प्रेशर के कारण स्पीड से दौड़ रहा है इसलिए फव्वारे की तरह बाहर निकल आता है। 

जमीन के भीतर मिट्टी का घनत्व थोड़ा ज्यादा होता है। इसलिए पानी को जमीन के नीचे जाने में थोड़ा वक्त लगता है। यदि प्रेशर को खत्म कर देंगे तब भी पानी जमीन के ऊपर आएगा और कुछ समय बाद नीचे चला जाएगा। (इसी प्रकार की मजेदार जानकारियों के लिए जनरल नॉलेज पर क्लिक करें) Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (general knowledge in hindi, gk questions, gk questions in hindi, gk in hindi,  general knowledge questions with answers, gk questions for kids, ) :- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com


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