ये है कामयाबी को अपनी तरफ बुलाने का सीक्रेट - Goal Management

शक्ति रावत।
आपने कभी सोचा है, कि आप ज्यादातर निराशा और नकारात्मकता से क्यों घिरे रहते हैं, ज्यादातर लोगों की एक शिकायत होती है, कि खुशी तो थोड़ी देर के लिए आती है, लेकिन परेशानियां पीछा नहीं छोड़तीं। दरअसल कुदरत का एक अहम नियम है जिसे मनसविद आकर्षण का नियम कहते हैं, आप जिस चीज या बात पर सबसे ज्यादा सोचते हैं, कुदरत वही चीज आपकी तरफ ज्यादा से ज्यादा मात्रा में भेजना शुरू कर देती है। 

जीवन पर यह नियम पूरी तरह से लागू है, लिहाजा इसका उपयोग अपने लक्ष्यों को साधने और जिंदगी की गुणवत्ता को बेहतर करने में भी किया जा सकता है। तो आइए जानते हैं, कि गोल मैनेजमेंट में इस नियम का उपयोग कैसे किया जा सकता है, आप चाहें तो इसे जिंदगी की दूसरी चीजों पर भी लागू कर सकते हैं।

1- हमेशा बने रहें आशावादी-

आशावाद या सकारात्मक चिंतन को हमारी संस्कृति में हमेशा से बहुत महत्व दिया गया। उसके पीछे बड़ा कारण यही है, कि हम जो भी विचार सबसे ज्यादा करते हैं, वही कई गुना होकर हमारे पास वापस लौटता है, जैसे किसी ऊंचे पहाड़ पर हमारी भेजी गई आवाज। इसलिये बुरे से बुरे दौर में भी आशा मत छोडि़ये। आपने जो भी लक्ष्य अपने लिये तय किया है, उसको लेकर हमेशा आशावान रहिये। क्योंकि आपकी यही सोच आपको अपने गोल के ज्यादा से ज्यादा नजदीक पहुंचाने का काम करेगी। हालांकि यह काम आसान नहीं होता क्योंकि निराश होना हमारा स्वभाविक गुण है, लेकिन जो उम्मीद को नहीं छोड़ता उसी के साथ जीवन में चमत्कार होते हैं।

2- सोने से पहले हमेशा करें विजुअललाइजेशन

विश्व प्रिसिद्व किताब द सीक्रेट की लेखिका रान्डा बर्न कहतीं हैं, कि अगर आपने इस सवाल का जबाव खोज लिया है, कि आपको जीवन में क्या चाहिये। इसका मतलब है कि आपने अस्त्वि से वह चीज मांग ली है। अब ब्रंम्हाड़ आपकी मदद को तैयार है। आपका काम बस इतना है कि इसे साकार करने में जुट जाएं। अपने लक्ष्य के करीब जाना चाहते हैं या उसे जल्द पाना चाहते हैं, तो रात को सोने से पहले आंखे बंद करके उस सफलता को देखिये जो आप हासिल करना चाहते हैं। यह तस्वीर जितनी साफ होती जाएगी, आप गोल के उतने नजदीक होते जाएगें। 

3- बार-बार दोहरायें अपना लक्ष्य

मनसविद कहते हैं, कि आप जिस बात को जितनी बार दोहराते हैं, वह बात आपके अवचेतन में उतनी गहरी होती चली जाती है। अगर आप दुख और निराशा की बातें दोहराएंगे तो वह बढऩे लगेगी, और अगर सफलता की बातें तो दोहराएंगें तो सफलता। इसलिये दिन में दो-चार बार जो भविष्य में करना या बनना चाहते हैं, उसे मन में जरूर दोहरायें। यह मजाक नहीं दरअसल आप अपनी सफलता को आकर्षित कर रहे हैं। अपने लक्ष्य को कागज पर लिखें और उसे पढ़ें। 

4- लोगों को भी बतायें

कामयाबी को अपनी तरफ खींचने का यह भी एक अहम हिस्सा है कि जो भी आप बनना या करना चाहते हैं, उसे अपने करीबी लोगों को जरूर बतायें। सामान्य नियम है कि जीवन में आप जो पाना चाहते हैं, उसे देखना और बोलना शुरू कर दीजिये। जितनी बार आप अपने लक्ष्य को बोलकर या देखकर दोहराते हैं, मतलब आप सफलता हासिल करने के लिए ब्रम्हांड में उतना ही मजबूत सिंगनल भेज रहे हैं। - लेखक मोटीवेशन एंव लाइफ मैनेजमेंट स्पीकर हैं।


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