महिलाओं के पैरों में दर्द क्यों होता है, डॉक्टर के पास जाने से पहले जरूर पढ़ें

Why do women have more foot pain than men?

यह तो आप सबने सुना ही होगा कि आजकल उठने, बैठने और यहां तक कि सोने में या सो कर उठने के बाद पैरों में बड़ा दर्द होता है। पैरों में दर्द तो आजकल की एक आम समस्या है। यह सभी उम्र के लोगों में में पाई जाती है परंतु विशेष रूप से महिलाओं के पैरों में विशेष दर्द होता है। ज्यादातर महिलाएं कुछ समय तक दर्द सहन करती हैं और फिर डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेकर वेटिंग रूम की चेयर पर बैठी हुई दिखाई देती है। यदि महिलाएं पैरों में दर्द के कारण का पता कर ले तो लाइफस्टाइल में थोड़ा सा परिवर्तन करके पैरों में दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। 

महिलाओं के पैरों में दर्द के कारण- What causes female foot pain

कई बार यह दर्द मॉडर्न लाइफस्टाइल जैसे- बहुत लंबे समय तक खड़े होकर किचन में काम करना या फैशन के चलते पैरों के लिए गलत शेप, साइज और डिजाइन के हील्स वाली चप्पल, जूते, जूती, सैंडल आदि पहनने के कारण भी पैरों में होता है। किसी भारी फिजिकल एक्सरसाइज जैसे सीढ़ियों का बार-बार चढ़ना-उतरना, दौड़ लगाना या अचानक से कोई भागदौड़ भरा काम करने के कारण भी पैरों में दर्द की शिकायत हो जाती हैं। 

Types of leg pain

महिलाओं के हाथ पैरों में किसी चोट के बिना ही हरे- नीले निशान बन जाते हैं जो दर्द भी करते हैं।  अनियमित समय पर खाने पीने से हमारी हड्डियों के अंदर अपूर्ण पाचन के कारण यूरिक एसिड जमा हो जाता है जिसके कारण भी दर्द होने लगता है।

How do I know if my foot pain is serious

जब हम हैवी फिजिकल एक्सरसाइज कर रहे होते हैं तो हमें बहुत अधिक मात्रा में ऑक्सीजन की जरूरत होती है और इस कारण हम कई बार नाक के साथ-साथ मुंह से भी सांस लेने लगते हैं। जिसके कारण कार्बोहाइड्रेट्स का अपूर्ण ऑक्सीकरण होता है और लैक्टिक एसिड उत्पन्न हो जाता है। यह लैक्टिक एसिड हमारे शरीर में जमा हो जाने के कारण भी दर्द की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। जिसे fatigue (फटिग)  कहा जाता है। 

महिलाओं के पैरों में दर्द का कारण

मसल्स पेन, अर्थराइटिस, गाउट, क्रेमस् आदि के कारण भी दर्द उत्पन्न हो जाता है।हड्डियों को हड्डियों से जोड़ने वाले और हड्डियों को मसलस से जोड़ने वाले टिशूज में खिंचाव के कारण भी दर्द उत्पन्न हो जाता है।

कैल्शियम, विटामिन डी की कमी के कारण भी हड्डियों में दर्द होता है और बाद में अर्थराइटिस की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। इसलिए डॉक्टर के पास जाने से पहले अनुभव करना जरूरी है कि दर्द का कारण क्या हो सकता है। संभव है लाइफस्टाइल में थोड़ा सा चेंज करने से पैरों में दर्द की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाए।